तेज आंधी चलने से गिरे कई पेड़

छतरपुर ।अचानक आई तेज आंधी के कारण जहां कई जगह पेड़ों के गिरने की खबर है वहीं जिला अस्पताल की नई बिल्डिंग में ए.सी. के लिए लगाए गए चद्दर 50 फिट की ऊंचाई से गिर गए। गनीमत यह रही कि उस समय अस्पताल के बाहर लोग नहीं थे इसलिए बड़ा हादसा टल गया। हालांकि नीचे खड़ी बोलेरो क्षतिग्रस्त हो गई है। जानकारी के मुताबिक शनिवार को तेज हवा चलने के कारण महोबा रोड में आधा दर्जन पेड़ धराशायी हो गए हैं। सड़क किनारे के पेड़ों के गिरने से आवागमन काफी प्रभावित हुआ। हालांकि जैसे ही पेड़ों के गिरने की जानकारी प्रशासन को लगी वैसे ही प्रशासनिक अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर सड़क पर गिरे पेड़ों को हटवाया और आवागमन सामान्य किया। पिछले दो-तीन दिनों से मौसम में नरमी का दौर चल रहा है। तापमान भी करीब 4 डिग्री नीचे आ गया है। शनिवार को न्यूनतम तापमान 31 डिग्री के करीब था तो वहीं अधिकतम तापमान 44.2 डिग्री रहा। हवा के कारण  लोगों के घरों में लगे टीन के चद्दर भी उखड़ गए। जिला अस्पताल की नई बिल्डिंग में ए.सी. के लिए लगाई गई चद्दर ऊपर से गिर गई। सवाल यह है कि जब थोड़ी आंधी भी चद्दर बर्दाश्त नहीं कर पाए तो तूफान आने की स्थिति में क्या होता। तीन मंजिला इमारत से नीचे गिरे चद्दर के कारण बोलेरो का कांच टूट गया। शनिवार को 25 से 30 किमी की रफ्तार से तेज हवा चलने के कारण यह स्थिति निर्मित हुई है। यदि ए.सी. का चद्दर वहां बैठने वाले लोगों के ऊपर गिरता तो हादसा बड़ा हो जाता। ए.सी. का चद्दर गिरने से निर्माण कार्य की भी खामी सामने आ गई है। नई बिल्डिंग में इस बात का ध्यान रखकर निर्माण किया जाना चाहिए था कि यदि भविष्य में कोई आंधी तूफान जैसी घटना होती है तो यहां लगी सामग्री उसे बर्दाश्त कर सके। 
टीन पकडऩे के चक्कर में आंधी में नीचे गिरा युवक
शहर के टौरिया मोहल्ला में रहने वाला सोनू रैकवार 24 वर्ष तेज हवा चलने के कारण छत में रखे टीन के चद्दर पकडऩे गया था ताकि वे उड़ न सकें लेकिन तेज हवा के कारण वह उड़कर छत से नीचे आ गया। हवा में उड़कर गिरने से सोनू के कमर, पीठ, पैर व सिर में चोटें आयी हैं। सोनू की मां ने बताया कि आंधी के कारण टीन को उडऩे से बचाने के चक्कर में सोनू नीचे आ गया। सोनू को इलाज के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है।  

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