‘मां कुवैत में फंसी है, पिता इंतजार करते-करते छोड़ गए दुनिया, हम हो गए अनाथ’, 3 बच्चों की आपबीती

मां कुवैत में फंसी है और अपनी जीवनसंगिनी का इंतजार करते-करते पिता भी दुनिया से चले गए। अब हम अनाथ हो गए हैं, तीन बच्चों की आपबीती सुनकर दिल भर आएगा। मामला पंजाब के गुरदासपुर का है। वीना नाम की महिला को एक ट्रेवल एजेंट ने मानव तस्करी करते हुए कुवैत भेज दिया, लेकिन वह अब उसे वापस नहीं बुला रहा।महिला हाऊस कीपिंग का काम करने के लिए विदेश गई थी। उसका इंतजार करते-करते पति की मौत हो चुकी है। अब उसके तीन बच्चे बेसहारा हो गए हैं। थाना धारीवाल की पुलिस ने महिला को विदेश भेजने के नाम पर मानव तस्करी करने का मामला दर्ज किया है। डीएसपी मेजर क्राइम लविंदर सिंह ने मामला एसपी इंवेस्टिगेशन की ओर से मार्क होने के बाद ही दर्ज किया।
शिकायतकर्ता रोहित बेदी (20) पुत्र सुरेंद्र कुमार बेदी निवासी कृष्णा गली धारीवाल ने पुलिस को बताया कि उसकी मां वीना को करीब 9 माह पहले मुख्तयार सिंह निवासी रतनगढ़ अमृतसर रुरल ने धोखे से कुवैत भेज दिया। अब वह वहां फंस गई है और पैसे देने के बावजूद वह उन्हें वापस नहीं बुला रहा। उसके पिता भी मां से लगातार संपर्क करने की कोशिश करते थे।
इस गम में पिता सुरेन्द्र कुमार की 21 मई को हार्ट अटैक से मौत हो गई। अब वह और उसका छोटा भाई मोहित बेदी (18) व छोटी बहन समृद्धि (10) बेसहारा हो चुके हैं। पिता की मौत के बाद उसे एक दुकान पर काम करके घर का गुजारा चलाना पड़ रहा है।
रोहित ने बताया कि उसकी मां ने वहां जाने के बाद सिर्फ पहले महीने में ही वेतन भेजा था। उसके बाद आज तक कुछ नहीं आया। जब भी कुवैत से मां का फोन आता है तो उसकी रोने की आवाजें सुनाई देती हैं और फिर फोन कट जाता है। मां यही कहती है कि मुख्तयार (एजेंट) से मिलो वह मुझे वापस बुलाए। फोन कटने के बाद नंबर ब्लॉक कर दिया जाता है।
रोहित ने बताया कि पिता ने मां को वापस बुलाने के लिए एजेंट मुख्तयार सिंह को पैसे तो दिए थे, लेकिन उसने मां को वापस नहीं बुलाया। बच्चों ने बताया कि वह पुलिस से लेकर विदेश मंत्रालय तक जाकर आए। सरकारों से गुहार लगाई कि उनकी मां को जल्द से जल्द वापस लाया जाए, लेकिन अभी तक कुछ नहीं हुआ।
