मुनाफा नहीं सेवा का साधन है एसटीः मुख्यमंत्री

अहमदाबाद | मुख्यमंत्री विजय रूपाणी ने कहा कि राज्य के आम नागरिकों को बेहतर परिवहन सुविधा मुहैया कराने के उद्देश्य से राज्य परिवहन (एसटी) को मुनाफा नहीं बल्कि सेवा का साधन बनाया है। वे शनिवार को भावनगर में गुजरात राज्य सड़क परिवहन निगम (जीएसआरटीसी) के समारोह में बोल रहे थे। भावनगर के जवाहर मैदान में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने 52 करोड़ रुपए की लागत से राज्य के विभिन्न जिलों में नवनिर्मित 21 बस स्टेशनों का लोकार्पण तथा 32.09 करोड़ रुपए के खर्च से तीन बस स्टेशन और 2 स्टाफ कॉलोनी का ई-पट्टिका अनावरण के जरिए शिलान्यास किया। उन्होंने नवीन मिडी बस, सुपर एक्सप्रेस तथा गुर्जर नगरी सहित कुल 131 बसों तथा ट्रैफिक एजुकेशन अवेयरनेस मोबाइल (टीम) वैन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि मुनाफा करना सरकार का काम नहीं है। सत्ता को सेवा का साधन बनाने के लिए हम बदलती टेक्नोलॉजी के साथ नवीन उपकरणों का विनियोग कर नागरिक सेवाओं को अधिक सुदृढ़ बनाने की दिशा में कार्यरत हैं। उन्होंने कहा कि मुनाफा कमाना होता तो आज से ही यह संभव हो सकता है। सरकार घाटे वाले रूट बंद कर मुनाफा कमाने वाले रूटों पर बसें दौड़ा सकती है। लेकिन हमें यह नहीं करना है। हमें दूर-सुदूर स्थित गांवों तक परिवहन की सेवा मुहैया करानी है। इसलिए ही राज्य के प्रत्येक गांव में एसटी बस की कम से कम एक ट्रिप उपलब्ध कराने की व्यवस्था की है।
विजय रूपाणी ने कहा कि पहले बसों को लेकर जो नकारात्मक बातें होती थी, उसमें हमारी कार्यपद्धति और जनसेवा दायित्व से स्थिति में बदलाव आया है। हमने नई और आधुनिक बसों के साथ ही वोल्वो जैसी अत्याधुनिक बसें नागरिकों की सेवा के लिए उतारी हैं। बस स्टेशन को एयरपोर्ट सरीखा सुविधा युक्त और आधुनिक शक्ल प्रदान कर बस पोर्ट बनाया है। आगामी दिनों में राज्य में पर्यावरण प्रिय सार्वजनिक परिवहन सेवा के लिए इलेक्ट्रिक बसों का उपयोग करने की मंशा भी उन्होंने व्यक्त की। उन्होंने कहा कि लोगों को बेहतर परिवहन सुविधा सरलता से उपलब्ध कराने के लिए राज्य सरकार संकल्पबद्ध है। उन्होंने कहा कि निगम में प्रत्येक वर्ष नई बसों के समावेश के साथ आईएसओ स्टैंडर्ड वाली बसें एसटी के कर्मयोगी इनहाउस वर्कशॉप में तैयार कर रहे हैं। एसटी बसों की रियल टाइम मॉनिटरिंग और तकनीक के उपयोग पर प्रकाश डालते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि लोगों को और अच्छी सुविधा मिले इसके लिए बस में जीपीएस ट्रैकर लगाए गए हैं ताकि नागरिकों को बस की वास्तविक लोकेशन और गंतव्य तक पहुंचने की रियल टाइम जानकारी मिल सके।
मुख्यमंत्री ने कहा कि एसटी में प्रतिदिन 25 लाख लोग यात्रा करते हैं। विदयार्थी, वरिष्ठ नागरिक, दिव्यांगों और स्वतंत्रता सेनानियों को कंसेशन की सुविधा दी जाती है। इसी तरह, विवाह के अवसर पर बारात के लिए 1200 रुपए की न्यूनतम किराए पर गरीब और मध्यम वर्ग को बस की सुविधा उपलब्ध कराई है। उन्होंने कहा कि हाल ही में गुजरात पर वायु चक्रवात संकट के समय तटीय इलाकों से लोगों को सुरक्षित निकालने के लिए 200 एसटी बसें चलाई गई थीं। इस मौके पर मुख्यमंत्री ने नवनिर्मित बस स्टेशन तथा स्टाफ कॉलोनी सहित 13 स्थलों पर मौजूद पदाधिकारियों और नागरिकों के साथ सीधा संवाद करते हुए नवीन बस पोर्ट पर स्वच्छता बरकरार रखने की सीख दी। उन्होंने नई बसों में उपलब्ध सुविधाओं का जायजा भी लिया।
आज लोकार्पित किए गए नए बस स्टेशनों में सूरत जिले के मांडवी, बारडोली (हाईवे), कडोदरा, खेड़ा जिले के सोजित्रा, ठासरा, डाकोर, महीसागर जिले के बालासिनोर, आणंद, अहमदाबाद के वीरमगाम, मोरबी (पुराना), सुरेन्द्रनगर जिले के लखतर, ध्रांगध्रा, भावनगर जिले के गढड़ा, महेसाणा, जामनगर जिले के जामजोधपुर, अमरेली जिले के दामनगर, गिर सोमनाथ जिले के गिरगढड़ा, पंचमहाल जिले के शहेरा और वेजलपुर तथा साबरकांठा जिले के मालपुर का समावेश होता है। वहीं, 32.09 करोड़ रुपए की लागत से आकार लेने वाले बस स्टेशन में भावनगर, भरुच और सुरेन्द्रनगर तथा भुज एवं अमरेली में स्टाफ कॉलोनी का समावेश होता है।
परिवहन मंत्री आर.सी. फल्दु ने कहा कि एसटी निगम राज्य की जनता की परिवहन सेवा में निरंतर सेवारत है। आधुनिक एवं नई सेवाएं मुसाफिरों को उपलब्ध कराने की दिशा में निगम प्रयासरत है। भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष जीतुभाई वाघाणी ने कहा कि सामान्य नागरिकों को बेहतर सुविधा मुहैया कराने के लिए राज्य सरकार कटिबद्ध है। आम लोगों की सहूलियत को ध्यान में रखते हुए जो सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं, वह इस बात का परिचायक है कि सरकार सामान्य नागरिकों के प्रति कितनी संवेदनशील है।
