हरियाणा सरकार ने इनाम राशि काटी, बजरंग-विनेश समेत कई खिलाड़ी नाराज, अब लौटाएंगे चेक

एशियन गेम्स की इनामी राशि खिलाड़ियों के खाते में आते ही बवाल शुरू हो गया है। जिन खिलाड़ियों ने कॉमनवेल्थ के साथ एशियन गेम्स में भी मेडल जीते थे उनकी कॉमनवेल्थ गेम्स की आधी इनामी राशि में कटौती कर दी है।
राशि में कटौती होने पर पहलवान बजरंग पूनिया, विनेश फौगाट समेत अन्य खिलाड़ियों ने नाराजगी जताई है। कटौती करने पर जहां विनेश फौगाट ने कहा कि वह इस इनामी राशि का चेक सरकार को लौटा देगी तो बजरंग पूनिया ने इसे खिलाड़ियों का अपमान बताया है।

कॉमनवेल्थ गेम्स और एशियन गेम्स एक ही साल 2018 में हुए थे। दोनों प्रतियोगिताओं में बजरंग पूनिया, विनेश फौगाट, नीरज चोपड़ा, अमित पंघाल, संजीव राजपूत, विकास कृष्ण समेत कई खिलाड़ियों ने मेडल जीते थे। बजरंग, विनेश और नीरज चोपड़ा के दोनों प्रतियोगिताओं में गोल्ड मेडल थे। अन्य खिलाड़ियों ने कॉमनवेल्थ में गोल्ड तो एशियाड में सिल्वर या ब्रांज मेडल जीता था।

सरकार ने कॉमनवेल्थ गेम्स की इनामी राशि डेढ़ करोड़ रुपये पहले ही इन खिलाड़ियों के खाते में डाल दी थी। सोमवार को कई खिलाड़ियों के खाते में एशियन गेम्स की कुछ इनामी राशि के नाम पर 75 लाख रुपये डाले गए। बजरंग पूनिया और विनेश फौगाट ने खाते में राशि आने की पुष्टि की।
 

विनेश ने चंडीगढ़ बात की तो अधिकारियों ने बताया कि कॉमनवेल्थ के डेढ़ करोड़ उन्हें दे दिए गए थे। उन्हें एशियन गेम्स के तीन करोड़ और कॉमनवेल्थ के 75 लाख रुपये ही मिलने थे। इसलिए उनके 75 लाख रुपये काटे गए हैं। एशियन गेम्स की आधी राशि डेढ़ करोड़ रुपये उनके पास पहुंच चुकी है। 

यह नियम बता रहे अफसर
विनेश और बजरंग ने खाते में राशि आने पर अधिकारियों से बातचीत की तो उन्हें बताया गया कि एक साल में कोई भी खिलाड़ी एक से ज्यादा मेडल जीतता है तो उसे सबसे बड़े मेडल की पूरी इनामी राशि दी जाएगी। उसके बाद दूसरे मेडल पर 50 प्रतिशत, तीसरे मेडल पर 25 प्रतिशत और उसके बाद मेडल जीतने पर कोई इनामी राशि नहीं मिलेगी।

एशियन गेम्स को सबसे बड़ा मानते हुए उसके मेडल पर सबसे ज्यादा तीन करोड़ रुपये दिए जाएंगे और कॉमनवेल्थ गेम्स के 75 लाख रुपये काट लिए गए हैं। इस हिसाब से जितने रुपये बाकी रह गए हैं, वह जल्द दिए जाएंगे। उधर, खिलाड़ियों का कहना है कि यह नियम केवल चैंपियनशिप पर लागू होता है। गेम्स के लिए ऐसा कोई नियम अभी तक नहीं था, अब अचानक ऐसा नियम बताया जा रहा है। 

सरकार को चेक लौटाऊंगी : विनेश

सरकार हर बार खिलाड़ियों को परेशान करने के तरीके तलाश करती है। यह पहली सरकार है जो हरियाणा में खिलाड़ियों का इतना अपमान करती है। आज तक सरकार ने खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करने के नाम पर कुछ नहीं किया है। ऐसा अपमान नहीं सहेंगे और इस इनामी राशि का चेक सरकार को चंडीगढ़ जाकर लौटाऊंगी। – विनेश फौगाट, पहलवान

ओलंपिक से पहले मनोबल गिरा रही सरकार : बजरंग
मेडल कोई भी एक दिन की मेहनत से नहीं जीतता है, बल्कि उसके लिए बचपन से मेहनत करनी पड़ती है। इस तरह से खिलाड़ियों की राशि में कटौती करके उनके आत्मसम्मान को ठेस पहुंचाई है और मानसिक रूप से परेशान किया गया है। सरकार ऐसा करके ओलंपिक से पहले खिलाड़ियों का मनोबल गिराने का काम कर रही है। सरकार इस निर्णय को वापस ले। – बजरंग पूनिया, पहलवान

अपमान होगा तो साल में एक ही मेडल जीतेंगे खिलाड़ी : नीरज
अभी तक केवल कॉमनवेल्थ गेम्स की इनामी राशि मिली है। पता चला है कि एशियन गेम्स की इनामी राशि खिलाड़ियों के खाते में डाली है और इसमें कटौती की गई है। यदि एक साल में एक से ज्यादा मेडल जीतने पर अपमान होगा तो खिलाड़ी एक साल में केवल एक ही मेडल जीतेगा। – नीरज चोपड़ा, एथलीट

 

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