बेटे आकाश से कम नहीं कैलाश विजयवर्गीय, 20 साल पहले अधिकारी पर उठाया था जूता

इंदौर । खुद को दोहराता है इतिहास… जी हां, विधायक आकाश विजयवर्गीय ने कुछ दिन पहले नगर निगम के कर्मचारियों को बैट से पीटा लेकिन उनके पिता कैलाश विजयवर्गीय इस तरह का काम 20 साल पहले कर चुके हैं, बस जूते ने बैट का रूप ले लिया है। सोशल मीडिया पर 20 साल पुरानी एक तस्‍वीर ने भारतीय जनता पार्टी के विधायक आकाश विजयवर्गीय द्वारा नगर निगम के अधिकारियों को बैट से पीटने के मामले में नया एंगल ला दिया है। इस तस्‍वीर में उनके पिता भाजपा महासचिव कैलाश विजयवर्गीय ने बैट तो नहीं बल्‍कि अधिकारी को धमकाने के लिए हाथ में जूता उठा लिया है।
20 साल पुरानी है तस्‍वीर
20 साल पुरानी इस तस्वीर में कैलाश जूते से अधिकारी को धमकाते दिख रहे हैं। दरअसल, 20 साल पहले इंदौर में पानी की समस्या को लेकर कैलाश स्थानीय निवासियों के साथ निगमायुक्त निवास पर प्रदर्शन करने पहुंचे थे। तब उन्होंने एक पैर का जूता अपने हाथ में लेकर अधिकारियों पर तान दिया था।
मिल रहा फल और मिनरल वाटर

वह ज्यादातर वक्त अखबार पढ़ने और टीवी पर न्यूज और मैच देखकर काट रहे हैं। यूं तो जेल अफसरों का दावा है कि आकाश को जेल मैनुअल के हिसाब से सुविधा दी जा रही है, लेकिन सूत्रों का दावा है कि उनको जिस बैरक में रखा, वहां हाई प्रोफाइल कैदियों को ही ठहराया जाता है। आकाश की खिदमत में कई कैदी लगे हुए हैं। खाने से लेकर नहाने और सोने की व्यवस्था भी कैदी करवाते हैं। उन्हें रोजाना फल और मिनरल वाटर दिया जा रहा है। मुलाकात में भी वीआइपी सुविधा दी जा रही है। उन्हें अफसर के केबिन में बुलाकर आराम से चर्चा करवाते हैं। जेल की बातें बाहर न निकले, इसलिए प्रहरी और बंदियों पर बैरक में जाने पर प्रतिबंध लगा दिया है।

‘बैटिंग’ में आकाश की मदद कर रहे थे गुंडे, छह की तलाश में रातभर छापे

मध्य प्रदेश के इंदौर में जर्जर मकान तोड़ने आए निगम अफसर की पिटाई करने के दौरान आरोपित विधायक आकाश विजयवर्गीय के साथ सूचीबद्ध बदमाश भी थे। पुलिस ने गुरुवार रात वीडियो फुटेज देख छह आरोपितों को नामजद सहअभियुक्त बनाया। रातभर उनकी तलाश में छापे मारे, लेकिन वह फरार हैं। पुलिस इनकी गुंडा फाइल भी तैयार कर रही है। उधर, पुलिस ने उस महिला के आवेदन पर भी जांच शुरू कर दी, जिसका मकान तोड़ने निगम अमला पहुंचा था। शुक्रवार दोपहर महिला वकील के साथ थाने पहुंची और जांच अफसर के समक्ष बयान दर्ज करवाए। महिला ने निगम अधिकारी धीरेंद्र बायस पर धमकाने और छेड़छाड़ का आरोप लगाया।

परिस्थितिवश तनाव हुआ

भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष राकेश सिंह ने कहा है कि कमलनाथ सरकार को इस बात का जवाब देना पड़ेगा कि अधिकारी सोच समझकर भाजपा के जनप्रतिनिधियों की अवहेलना क्यों कर रहे हैं। कमलनाथ सरकार ने अधिकारियों का कांग्रेसीकरण कर दिया है। सब जानते है कि इंदौर के विधायक का स्वभाव कभी उग्र नहीं रहा।

'Salute Akashji' वाले पोस्‍टर छाए थे इंदौर की गलियों में

कैलाश विजयवर्गीय के पुत्र आकाश 2018 विधानसभा चुनाव में पहली बार इंदौर मैदान में उतरे और जीत हासिल की थी। आकाश विजयवर्गीय को 7 जुलाई तक न्‍यायिक हिरासत में भेजा गया है लेकिन शुक्रवार को इंदौर में सैंकड़ो पोस्‍टर लगाए गए जिसपर 'Salute Akashji' लिखा था। हालांकि  बाद में इसे नगर निगम द्वारा हटा दिया गया।
 

Leave a Reply