मुंबई के ऊपर छह वेदर सिस्टम बनने से लगातार 5 दिन से बारिश हो रही; मध्य भारत में मानसून ठहरा, दिल्ली पहुंचने में तीन दिन बाकी

मुंबई/ नई दिल्ली . मुंबई और उसके आसपास के इलाकों में बादल आफत बनकर बरस रहे हैं। इससे जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। कई इलाकों में बाढ़ जैसे हालात हंै। मुंबई में मौसम विभाग की वैज्ञानिक शुभांगी भुते ने बताया कि बंगाल की खाड़ी में कम दबाव का क्षेत्र बनने से मुंबई और उसके आसपास हवाओं का ईस्ट-वेस्ट शेयर जोन गया है। इसे मिजो स्केल कन्वेक्टिव सिस्टम कहते हैं। आमतौर पर इसकी लाइफ दो घंटे होती है। मुंबई में ऐसे छह सिस्टम बनने से लगातार पांच दिन से भारी बारिश हो रही है। अभी मुंबई और उसके आसपास के इलाकों में 5 जुलाई तक भारी बारिश होने के आसार हैं। वहीं, पर्यटकों को सलाह दी गई है कि वे इन क्षेत्रों में पहाड़ी और समुद्री इलाकों में न जाएं। स्काईमेट के मुताबिक मुंबई में भारी बारिश का अंदाजा इसी से लगा सकते हैं कि जुलाई में औसतन 84 सेमी बारिश होती है। जबकि बीते दो दिन में मुंबई में 46.7 सेमी बारिश हो चुकी है।
उत्तर में नमी गायब, इसलिए लू चल रही
उत्तर भारत में दिल्ली, पंजाब, पश्चिमी उत्तर प्रदेश, हरियाणा भीषण गर्मी से बेहाल हैं। इसके चलते गर्मी दिल्ली और हरियाणा में गर्मी की छुटि्टयां बढ़ा दी गई हैं। इन राज्यों में तेज गर्मी की वजह- मध्य प्रदेश में मानसून का अटक जाना है। गर्मी की दूसरी वजह प्री मानसून का ड्राई रहना है। वातावरण में नमी नहीं होने से लू जैसी स्थिति बनी हुई है।
भूमध्य रेखा के आसपास प्रशांत क्षेत्र में अल-नीनो का प्रभाव रहता है। इसमें प्रशांत सागर में समुद्री सतह का तापमान भी असामान्य रूप से बढ़ जाता है। इसी वजह से उत्तर भारत में भीषण गर्मी पड़ रही है।
मौसम विभाग के मुताबिक अगले 72 घंटे में मानसून दिल्ली में पहुंचने की उम्मीद है। तब तक गर्मी रहेगी।
मुंबई की पानी निकासी क्षमता 24 घंटे में सिर्फ 15 सेमी की : तस्वीर घाटकोपर इलाके की है। वहां मंगलवार को सड़कों पर तीन फीट से ज्यादा पानी भरा हुआ था। बीएमसी के मुताबिक मुंबई में यदि 24 घंटे में 15 सेमी तक बारिश होती है, तो जलभराव की स्थिति नहीं बनती। मुंबई में बीते 24 घंटे में 37 सेमी से ज्यादा बारिश हो चुकी है। इसी कारण बाढ़ जैसी स्थिति बन गई।
मानसून राजस्थान पहुंचा, 3 राज्यों में बारिश का अलर्ट : मानसून ने मंगलवार दोपहर राजस्थान में दस्तक दे दी है। पश्चिमी मप्र, विदर्भ, कोंकण, गोवा में बुधवार काे भारी बारिश हो सकती है। 5 और छह जुलाई को मप्र, हिमाचल, उत्तर प्रदेश, पूर्वी राजस्थान, पश्चिम बंगाल, सिक्किम, कोंकण, गोवा, तटीय कर्नाटक, केरल, अरुणाचल प्रदेश और नॉर्थईस्ट में बारिश के आसार हैं।
