कर्ज से परेशान एक और किसान ने जहर खाकर दी जान

श्रीगंगानगर ।  किसानों द्वारा आत्महत्या करने का सिलसिला जारी है। प्रदेश के श्रीगंगानगर जिले में किसान सोहनलाल की आत्महत्या का मामला अभी शांत भी नहीं हुआ है कि वहां एक और किसान ने कर्ज से तंग आकर मौत को गले लगा लिया है। बताया जा रहा है कि कर्ज में डूबे किसान को बैंक से नोटिस मिला था। इससे वह तनाव में आ गया और उसने जहर खाकर अपनी जान दे दी। दूसरी तरफ बैंक प्रबंधन का कहना है कि उसने किसान को कोई नोटिस नहीं दिया।
आत्महत्या की घटना श्रीगंगानगर के जैतसर इलाके के रघुनाथपुरा गांव में हुई। वहां किसान नेतराम नाथ हमेशा की तरह बुधवार रात को खेत में जाने की कहकर घर से निकला था। वहां रात को उसने कीटनाशक पीकर जान दे दी। गुरुवार को सुबह जब वह देर तक घर नहीं आया तो परिजन खेत पहुंचे। वहां देखा तो नेतराम चारपाई पर मृत पड़ा हुआ था। मृतक किसान नेतराम के भाई मदनलाल नाथ की मानें तो वह बैंक कर्ज से परेशान था। उसके पास बैंक से नोटिस आया था और फोन भी आ रहा था। इससे वह परेशान था। मृतक किसान का राजस्थान मरुधरा ग्रामीण बैंक, विजयनगर शाखा में खाता था। किसान पर 3,96,947 रुपए का कर्ज बताया जा रहा है। बैक के प्रबंधक जगरुप सिंह ने बताया कि किसान का खाता 3 फरवरी, 2014 को खुला था। अभी तक बैंक ने उसको कोई नोटिस नहीं दिया है। किसान का खाता रेग्युलर है और न ही वो डिफाल्टर है। उल्लेखनीय है कि हाल ही श्रीगंगानगर में ठकरी गांव के निवासी सोहनलाल मेघवाल ने भी आत्महत्या कर ली थी। उसने सुसाइड नोट में अपनी मौत के लिए सीएम अशोक गहलोत और उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट को जिम्मेदार ठहराया था। किसान ने दो पन्नों के सुसाइड नोट में गहलोत सरकार पर कर्ज माफी का वादा पूरा न करने का आरोप लगाया था। पुलिस ने किसान के सुसाइड नोट की पहले तो पुष्टि नहीं की थी। लेकिन, जब सांसद निहालचंद ने मामला उठाया तो पुलिस ने सुसाइड नोट की बरामदगी स्वीकारी। हालांकि अभी तक पुलिस ने सुसाइड नोट में किसान की राइटिंग की पुष्टि नहीं की है। पुलिस का कहना है कि एक्सपर्ट से हैंडराइटिंग की जांच करवाई जा रही है। यह मामला काफी तूल पकड़े हुए है।

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