IT विभाग ने सीमेंट कंपनी की कालाधन खपाने की रणनीति पर लगाई लगाम, बेनामी संपत्तियां जब्त

जयपुर: आयकर विभाग, राजस्थान की बेनामी निषेध यूनिट ने पाली, जैसलमेर और झुंझुनू जिलों के 9 गांवों में कुल 34 बेनामी संपत्तियों को बेनामी संपत्ति संव्यवहार निषेध अधिनियम, 1988 के प्रावधानों के तहत प्रोविजनल रूप से अटैच की है. इन जमीनों का बाजार मूल्य करीब 10 करोड़ रूपए बताया जा रहा है. इस सप्ताह में आयकर विभाग की यह दूसरी बड़ी कार्रवाई हैं. 

बेनामी निषेध यूनिट की प्रारंभिक जांच में सामने आया कि जैसलमेर जिले की जैसलमेर तहसील के जोगा और परेवर गांवों में, जैसलमेर जिले की मोहनगढ़ तहसील के खींयावास गांव में, झुंझुनू जिले की नवलगढ़ तहसील के गोठडा गांव में, पाली जिले की रायपुर तहसील के बुटीवास गांव में और पाली जिले की जैतारण तहसील के सिंगला, रास, भीन्वगढ़ और सेवरिया गांवों में कानाराम के नाम से 34 विभिन्न विक्रय पत्रों के माध्यम से कुल 400 बीघा जमीन खरीदी गयी थी. 

जमीन के लिए सीमेंट कंपनी ने दिए पैसे
बताया जा रहा है कि अजमेर जिले की पीसांगन तहसील के गोविन्दगढ़ गांव के निवासी कानाराम श्री सीमेंट में बेहद कम तनख्वाह पर नौकरी करते हैं. जांच में यह भी सामने आया कि उनके नाम से इन जमीनों को खरीदने के लिए विक्रेताओं को भुगतान श्री सीमेंट के द्वारा किया गया. यह जमीनें उनके नाम से श्री सीमेंट ने अपने लाभ के लिए खरीदी थी. कानाराम के नाम से इन जमीनों को खरीदने के लिए कुल करीब 80 लाख रूपए का भुगतान श्री सीमेंट के द्वारा किया गया. कानाराम की हैसियत अपने नाम से इतना बड़ा निवेश करने की नहीं पायी गयी. 

प्रदेश में 492 बेनामी संपत्तियां हो चुकी है अटैच 
बेनामी संपत्तियों के इन प्रोविजनल अटैचमेंट्स के साथ ही आयकर विभाग राजस्थान की बेनामी निषेध यूनिट अब तक कुल 492 बेनामी संपत्तियां अटैच कर चुकी है. जिनका कुल बाजार मूल्य 1400 करोड़ रूपए से भी अधिक है. इन 492 प्रोविजनल अटैचमेंट्स में से नई दिल्ली स्थित एडजुडिकेटिंग अथज्ञॅरिटी अब तक 69 संपत्तियों को बेनामी मानते हुए उनके अटैचमेंट्स कन्फर्म भी कर चुकी है.
 

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