2022 तक गुजरात में सौ फीसदी ‘नल से जल’ का संकल्प करेंगे साकारः मुख्यमंत्री

अहमदाबाद | मुख्यमंत्री विजय रूपाणी ने वर्ष 2022 तक गुजरात में सौ फीसदी ‘नल से जल’ के संकल्प को साकार कर सभी को घर-घर शुद्ध पेयजल मुहैया कराने की मंशा व्यक्त की है। शनिवार को गांधीनगर में राज्य सरकार के जलापूर्ति विभाग के वरिष्ठ इंजीनियरों के तीन दिवसीय चिंतन शिविर के समापन अवसर पर उन्होंने यह बात कही। बजट प्रस्तुत करने के गिनती के दिनों में ही ‘नल से जल’ के संकल्प को पूरा करने की योजना के साथ जलापूर्ति विभाग द्वारा कार्ययोजना बनाकर चिंतन शिविर के जरिए कमर कसने पर मुख्यमंत्री ने उन्हें बधाई दी। 
विजय रूपाणी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के घर-घर जल के स्वप्न को पूरा करने में गुजरात अन्य विकास कार्यों की तरह ही देश का मॉडल बनेगा। इस संदर्भ में उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने वर्ष 2024 तक हर घर को फिल्टर किया हुआ स्वच्छ पानी नल के जरिए पहुंचाने का सपना संजोया है। गुजरात ने यह सपना आगामी 3 वर्षों में यानी कि वर्ष 2022 तक पूरा करने के लिए इस वर्ष के बजट में ही वित्तीय आवंटन कर दिया है। विकास के पैमाने पर गुजरात के हमेशा शीर्ष पर होने की सराहना करते हुए उन्होंने कहा कि जलापूर्ति विभाग के इंजीनियरों के कौशल और चुनौतियों का सामना करने के उनके सामर्थ्य के कारण पिछले दो दशक में जलापूर्ति बोर्ड और विभाग की छवि में आमूल परिवर्तन आया है। विभाग के इंजीनियरों की पीठ थपथपाते हुए रूपाणी ने कहा कि ढांकी पंपिंग स्टेशन और वाटर ग्रिड सहित कच्छ एवं सौराष्ट्र के सीमावर्ती क्षेत्रों तक पानी पहुंचाने की उपलब्धि अब नामुमकिन को मुमकिन बना देने की गुजरात की पहचान बन गई है। मुख्यमंत्री ने साफ कहा कि गुजरात ने अब जल अभावग्रस्त राज्य की अपनी छाप को मिटा दिया है और सिर्फ ‘नल से जल’ ही नहीं बल्कि पानी का रिसाइकिल, गंदे पानी का पुनर्प्रयोग और समुद्री पानी को शुद्ध पेयजल में परिवर्तित करने वाले डिसेलिनेशन प्लांट जैसे अद्यतन आयामों के जरिए गुजरात पानीदार राज्य बना है। उन्होंने कहा कि अब समय ‘टेक ऑफ’ का है, अंतिम व्यक्ति को भी पानी की सरल उपलब्धता सुनिश्चित करने का आयोजन धन के अभाव में रुकने नहीं दिया जाएगा। 
इंजीनियरों के संकल्प में सरकार के साथ खड़े होने का हौसला देते हुए उन्होंने कहा कि यह हमारा दुर्भाग्य है कि आजादी के 60-65 वर्षों तक पेयजल, सड़क, गटर और लाइट जैसी बुनियादी सुविधाओं का पर्याप्त आयोजन नहीं हुआ। मुख्यमंत्री ने कहा कि अब प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की इस सरकार ने वर्ष 2022 में आजादी की 75वीं वर्षगांठ तक देश को ऐसी सुविधाएं पूर्ण रूप से प्रदान करने के साथ स्वास्थ्य, शिक्षा जैसे क्षेत्रों में नवीन दृष्टिकोणों से जनजीवन को स्वस्थ बनाकर सतत विकास का संकल्प किया है। पानी को विकास का मुख्य आधार करार देते हुए मुख्यमंत्री ने सभी को पर्याप्त शुद्ध पानी पहुंचाने के लिए जनकल्याण की भावना से तथा बिना किसी व्यक्तिगत एजेंडे के ईमानदारीपूर्वक आगे बढ़ने के संकल्प के साथ आयोजित इस शिविर को सही समय पर किया गया सही कार्य बताया। 
जलापूर्ति विभाग के प्रधान सचिव जेपी गुप्ता ने स्वागत भाषण में कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आगामी पांच वर्षों में देश के घर-घर में नल द्वारा पानी पहुंचाने का संकल्प किया है। उसे चरितार्थ करने के लिए मुख्यमंत्री विजय रूपाणी ने विशेष ध्यान केंद्रित किया है। मौजूदा वर्ष के बजट में भी पर्याप्त धन का प्रावधान किया गया है। गुजरात में वर्ष 2022 तक हर घर में नल द्वारा पानी पहुंचाने के सरकार के संकल्प को पूरा करने के लिए हमें संकल्पबद्ध होना होगा। गुप्ता ने कहा कि मुख्यमंत्री के इस स्वप्न को साकार करने के लिए राज्य के 33 जिलों के 300 से अधिक अधिकारियों ने तीन दिनों तक सामूहिक चिंतन किया है। इसमें पेयजल सुविधा, योजनाओं की डिजाइन से लेकर जल वितरण सहित पानी के रियूज जैसे अन्य विषयों पर भी चिंतन किया गया है। उन्होंने कहा कि पानी संबंधित मसलों के निराकरण के लिए राज्य सरकार ने कभी धन की चिंता नहीं की है और आगे भी नहीं करेगी। 
इस अवसर पर जलापूर्ति मंत्री कुंवरजीभाई बावळिया, राज्य सरकार के नर्मदा, जल संपत्ति सलाहकार बीएन नवलावाला, गुजरात आपदा प्रबंधन संस्थान (जीआईडीएम) के महानिदेशक पीके तनेजा सहित जलापूर्ति विभाग के उच्च अधिकारी मौजूद थे। 

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