टीचर की डांट पड़ने पर छोड़ा घर, जींद के डेरे से मिला 

गुड़गांव । मास्टर की पड़ी फटकार एक 5वीं कक्षा के छात्र को इतनी नागंवार गुजरी कि वह बैग रखकर घर से निकल गया। जिसके बाद दिल्ली की ट्रेन में मिले एक बाबा ने उसे काबू कर लिया और उसका मुंडन करवा कर भगवा कपड़े पहना दिए। उसने बच्चे को अपने डेरे में छिपाकर रख लिया, लेकिन एक फोन कॉल ने बच्चे को परिजनों तक पहुंचा दिया।
रेवाड़ी जिले के गांव झौड़ादा के रहने वाले राजेन्द्र यादव का बेटा पांचवीं कक्षा में पढ़ता है।पिछले शुक्रवार को स्कूल मास्टर ने उसे होमवर्क पूरा न करने पर फटकार लगा दी थी। साथ ही इसकी शिकायत उसके परिजनों से फोन पर भी कर दी। इसी बात से नाराज बच्चा स्कूल से घर पहुंचा और बैग को छोड़ घर से निकल गया। देर शाम तक जब वह लौटा नहीं तो परिजनों ने उसके लापता होने की रिपोर्ट कोसली थाने में दर्ज करा दी। वह अपने माता-पिता का इकलौता बेटा है।
दरअसल, बच्चा गांव से ऑटो में सवार होकर रेवाड़ी पहुंचा और यहां एक दिल्ली की ट्रेन में सवार हो गया। यहां ट्रेन में एक बाबा ने उसे अकेला देखा तो उसे अपने साथ ले गया। दो दिन बाद उसका सिर मुंडवाकर भगवा कपड़े पहना दिए और जींद के बाबा दरियानाथ के डेरे में रखा गया। तरुण को अपने नाना के मोबाइल फोन नंबर याद था। उसने डेरे के एक व्यक्ति से बाबा के मोबाइल फोन से चुपचाप नाना के नंबर पर फोन कराया। उसके बाद बाबा ने फोन बंद ही रखा। सूचना मिलते ही मोबाइल फोन की लोकेशन ट्रेस करते हुए जींद के डेरे तक पहुंची कोसली पुलिस ने शुक्रवार को जींद के डेरे में बच्चा भगवा कपड़े पहने हुए मिला। जब इस बारे में बाबा से बात की गई, तो उसने कहा कि वह तो बच्चे को संरक्षण दिए हुए था। नहीं तो इसके साथ कुछ भी हो सकता था। इसके बाद पुलिस बच्चे को अपने साथ लेकर कोसली पहुंची और उसे परिजनों को सौंप दिया। बच्चे को पाकर पिता राजेन्द्र व मां की आंखें खुशी से भर आईं। गांव के सरपंच के पति रामबिलास ने कहा कि राजेन्द्र के एक बेटा व एक बेटी है। राजेन्द्र एक कंपनी में कर्मचारी है। 

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