दिल्ली के निगमबोध घाट पर हुआ शीला दीक्षित का अंतिम संस्कार

नई दिल्ली : दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री शीला दीक्षित का अंतिम संस्कार आज दिल्ली के निगमबोध घाट पर किया गया. उनके अंतिम संस्कार में बीजेपी अध्यक्ष और गृह मंत्री अमित शाह व यूपीए अध्यक्ष सोनिया गांधी समेत कई बड़े नेता शामिल हुए.
सुबह शीला दीक्षित के पार्थिव शरीर को निजामुद्दीन स्थित उनके आवास से कांग्रेस मुख्यालय ले जाया गया. वहां उनके पार्थिव शरीर को अंतिम दर्शन के लिए रखा गया. उनके अंतिम दर्शनों के लिए बड़ी संख्या में लोग पहुंचे. मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ ने भी कांग्रेस मुख्यालय पहुंचकर शीला दीक्षित को श्रद्धांजलि दी.
शीला दीक्षित के अंतिम दर्शन करने और उन्हें श्रद्धांजलि देने कांग्रेस मुख्यालय सोनिया गांधी और प्रियंका गांधी भी पहुंचीं. सोनिया गांधी ने उनके अंतिम दर्शन करने के बाद कहा कि शीला दीक्षित हम सबके दिल में बसी हैं. यूपीए अध्यक्ष सोनिया गांधी ने कहा कि शीला दीक्षित ने उन्हें हमेशा सपोर्ट किया. वह मेरी बड़ी बहन और सहेली थीं. कांग्रेस के लिए यह बड़ी क्षति है. हम उन्हें हमेशा याद रखेंगे.
बीजेपी के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी और सुषमा स्वराज ने शीला दीक्षित के आवास जाकर उन्हें श्रद्धांजलि दी. कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने शीला दीक्षित को कांग्रेस की बेटी बताया. दिल्ली की पूर्व सीएम और केरल की राज्यपाल रहीं शीला दीक्षित का देहांत 81 साल की उम्र में शनिवार दोपहर को दिल्ली के एस्कॉर्ट अस्पताल में कार्डियक अरेस्ट के कारण हुआ था. वह काफी लंबे समय से बीमार चल रही थीं. दिल्ली में 2 दिनों का राजकीय शोक घोषित किया गया है.
बीमार चल रहीं शीला दीक्षित को शनिवार सुबह दिल्ली के एस्कार्ट अस्पताल में भर्ती कराया गया था. अस्पताल की ओर से कहा गया है कि शीला दीक्षित को दिल का दौरा पड़ने के बाद अस्पताल लाया गया था. हालत सुधरने के बाद फिर से दिल का दौरा पड़ा. शाम को 3:55 बजे उनका निधन हो गया. शीला दीक्षित की पार्थिव देह के अंतिम दर्शन करने के लिए शनिवार को निजामुद्दीन स्थित उनके आवास पर पीएम मोदी और सोनिया गांधी भी पहुंची थीं. कांग्रेस और बीजेपी के सभी बड़े नेता उनके घर पर पहुंचे थे.
