मराठवाड़ा में पिछले 6 महीने के दौरान 458 किसानों ने की आत्महत्या

मुंबई. महाराष्ट्र के मराठवाड़ा के आठ जिलों में एक जनवरी से 15 जुलाई के बीच 458 किसानों ने परेशान एवं हताश में कथित तौर पर आत्महत्या की है। संभागीय आयुक्त कार्यालय की ओर से शनिवार को यह जानकारी साझा की गई।
सबसे ज्यादा बीड में किसानों ने की आत्महत्या
किसानों के आत्महत्या का सबसे अधिक मामला सूखा-प्रभावित बीड जिले में सामने आया है। इस दौरान बीड जिले में 104 किसानों और हिंगोली जिले में 20 किसानों ने आत्महत्या की है।
336 किसान सहायता राशि प्राप्त करने के थे पात्र
आत्महत्या करने वाले 458 किसानों में से 336 किसानों के परिवार सहायता राशि प्राप्त करने के योग्य थे। संबंधित जिला प्रशासन ने 323 किसानों के परिवारों को सहायता राशि प्रदान की है। रिपोर्ट में बताया गया कि आधिकारिक जांच के बाद 91 मामलों में सहायता राशि पाने का दावा अस्वीकार कर दिया गया जबकि शेष 31 मामलों की जांच की जानी अभी बाकी है।
महाराष्ट्र में 47 साल में सबसे भीषण सूखा
महाराष्ट्र में 1972 से अब तक का सबसे भीषण सूखा पड़ा है। राज्य की 358 तहसीलों में से 151 तहसील सूखा प्रभावित घोषित हुई हैं। राज्यभर में 13 हजार से ज्यादा गांव-बस्तियों में संकट है। 18 मई को राज्य के 26 बांधों में पानी का स्तर शून्य पर पहुंच गया था। हालांकि, पिछले कुछ दिनों से हो रही बारिश के कारण मराठवाड़ा और विदर्भ के लोगों को थोड़ी राहत मिली है।
