झारखंड में धान खरीद ने पकड़ी रफ्तार, 20 दिनों में पिछले साल से 3.60 लाख क्विंटल ज्यादा खरीदी

खरीफ विपणन मौसम के तहत झारखंड सरकार द्वारा 15 दिसंबर से शुरू की गई धान खरीद इस वर्ष पिछले साल की तुलना में कहीं अधिक तेज रफ्तार से आगे बढ़ रही है। महज 20 दिनों में ही सरकार ने बीते वर्ष की समान अवधि से 3 लाख 60 हजार 738 क्विंटल अधिक धान की खरीद कर ली है। आंकड़ों के मुताबिक, वर्ष 2024-25 में इसी अवधि में 7 लाख 23 हजार 361 क्विंटल धान की खरीद हुई थी, जबकि चालू वित्तीय वर्ष में यह आंकड़ा बढ़कर 10 लाख 84 हजार 99 क्विंटल तक पहुंच गया है।
वर्तमान में राज्य में प्रतिदिन औसतन 54 हजार 204 क्विंटल धान की खरीद की जा रही है। सरकार की ओर से किसानों को एकमुश्त भुगतान की व्यवस्था किए जाने से खरीद प्रक्रिया में तेजी आई है और किसानों का भरोसा भी बढ़ा है।
एकमुश्त भुगतान से बढ़ा किसानों का भरोसा
सरकार प्रति क्विंटल 2450 रुपये की दर से धान खरीद कर रही है। भुगतान की समय-सीमा 48 घंटे से लेकर अधिकतम सात दिनों के भीतर तय की गई है। यदि तय अवधि में राशि किसानों के खाते में नहीं पहुंचती है, तो वे उपायुक्त के माध्यम से शिकायत दर्ज करा सकते हैं। अब तक खरीदे गए धान के एवज में किसानों को कुल 265.60 करोड़ रुपये का भुगतान देय है, जिसमें से 137.50 करोड़ रुपये का भुगतान किया जा चुका है।
पंजीकरण और लक्ष्य की स्थिति
धान खरीद के लिए अब तक 2 लाख 64 हजार 381 किसानों ने पंजीकरण कराया है। इनमें से 1 लाख 5 हजार 843 किसानों को धान बिक्री के लिए एसएमएस भेजा जा चुका है। सरकार ने साफ किया है कि किसानों का पंजीकरण अभी भी जारी है।
60 लाख क्विंटल लक्ष्य की ओर बढ़ता राज्य
सरकार ने इस खरीफ सीजन में 60 लाख क्विंटल धान खरीद का लक्ष्य तय किया है। अब तक करीब 18 प्रतिशत लक्ष्य पूरा हो चुका है। प्रशासन का दावा है कि आने वाले दिनों में खरीद की रफ्तार और तेज होगी, जिससे ज्यादा से ज्यादा किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य का लाभ मिल सकेगा।
