“बाबा जी, ब्लैक शीशों में चल रहे हो…” डोटासरा ने BJP विधायक को दिखाई कानून की किताब

जयपुर। जयपुर की सियासी गलियारों में अकसर तीखी बहस, आरोप-प्रत्यारोप और सत्ता-विपक्ष की तल्ख तस्वीरें देखने को मिलती हैं, लेकिन कभी-कभी राजनीति का एक अलग ही रंग सामने आ जाता है। ऐसा ही एक नज़ारा इन दिनों सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में दिख रहा है, जहां राजस्थान कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा और बीजेपी विधायक बालमुकुंदाचार्य आमने-सामने हैं—न किसी मंच पर, न माइक के सामने, बल्कि विधानसभा के गेट पर।मामला उस वक्त का है जब जयपुर के हवामहल से बीजेपी विधायक बालमुकुंदाचार्य विधानसभा परिसर से बाहर निकल रहे थे। उनकी गाड़ी के शीशों पर ब्लैक फिल्म लगी थी। संयोग से उसी समय पीसीसी चीफ गोविंद सिंह डोटासरा भी वहां मौजूद थे। गाड़ी को देखते ही डोटासरा रुक गए और कैमरे की ओर इशारा करते हुए बोले—“बाबा का वीडियो बना लीजिए।”

बस, यहीं से शुरू हुआ वो पल जिसने राजनीति को कुछ देर के लिए हल्का-फुल्का बना दिया। डोटासरा ने मुस्कराते हुए कहा—“बाबा जी, आप ब्लैक शीशों में चल रहे हैं, ये कानून का उल्लंघन है।” यह बात सुनते ही बालमुकुंदाचार्य ने भी सियासी तल्खी छोड़कर जवाब दिया—“आप स्मार्ट लग रहे हैं।” माहौल में हल्की हंसी घुल गई।इतना कहते ही डोटासरा आगे बढ़े। बीजेपी विधायक गाड़ी से नीचे उतरे, दोनों नेताओं ने हाथ मिलाया और कुछ पल तक आपस में बातचीत होती रही। किसी तीखी नोकझोंक के बजाय यह मुलाकात शालीनता और सौहार्द का उदाहरण बन गई। यही दृश्य सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया।वीडियो के वायरल होते ही सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर प्रतिक्रियाओं की बाढ़ आ गई। यूजर @AkramKhan973927 ने तंज कसते हुए लिखा—“ये सब आपस में मिले हुए हैं, और लोगों को लड़वाते हैं।” वहीं @JasnathiB ने लिखा—“इन नेताओं को देख लो कितने प्रेम से हंसी-मजाक कर रहे हैं, और एक इनके समर्थक हैं, जो दिन-रात आपस में सोशल मीडिया पर गंध फैलाते हैं।”इन प्रतिक्रियाओं ने एक बड़ा सवाल भी खड़ा कर दिया—क्या सियासत में दिखने वाली लड़ाइयां केवल कैमरे और मंच तक सीमित हैं? क्या असल जिंदगी में राजनीतिक प्रतिद्वंद्वी भी इंसानी रिश्तों और मर्यादा को निभाते हैं?

डोटासरा और बालमुकुंदाचार्य का यह वीडियो इसी सवाल का जवाब देता नजर आता है। कांग्रेस और बीजेपी, जो अक्सर एक-दूसरे पर तीखे हमले करते हैं, उनके दो बड़े चेहरे यहां कानून और व्यवस्था की बात करते हुए भी शालीनता नहीं छोड़ते। ब्लैक फिल्म का मुद्दा गंभीर जरूर है, क्योंकि सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुसार गाड़ियों में ब्लैक फिल्म लगाना प्रतिबंधित है। लेकिन इस कानून की याद दिलाने का अंदाज किसी भाषण या प्रेस कॉन्फ्रेंस जैसा नहीं, बल्कि हल्की मुस्कान और संवाद भरा था।

राजनीति के जानकार मानते हैं कि ऐसे पल जनता के लिए भी संदेश होते हैं। एक तरफ नेताओं के बीच व्यक्तिगत स्तर पर सम्मान और संवाद की तस्वीर दिखती है, तो दूसरी तरफ समर्थकों की कटु भाषा और सोशल मीडिया की लड़ाइयों पर सवाल उठता है।कुल मिलाकर, विधानसभा के गेट पर हुआ यह छोटा-सा संवाद बड़ी बहस छोड़ गया है। कानून की बात भी हुई, राजनीति भी दिखी और साथ ही यह एहसास भी कि सियासत के पीछे भी इंसान ही होते हैं। डोटासरा का कानून का पाठ और ‘बाबा’ का हाथ जोड़ना—यही इस वायरल किस्से की असली पहचान बन गया है।
 

Leave a Reply