नरेला एजुकेशन सिटी के लिए दिल्ली सरकार ने खोला खजाना
दिल्ली। दिल्ली सरकार ने नरेला को विश्व स्तरीय शिक्षा और नवाचार केंद्र के रूप में विकसित करने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। नरेला एजुकेशन सिटी के लिए परियोजना का बजट ढाई गुना से ज्यादा बढ़ा दिया गया है। दिल्ली के शिक्षा मंत्री ने बताया कि जमीन आवंटन के लिए डीडीए को भुगतान प्रक्रिया में भी तेजी लाई गई है।दिल्ली को शिक्षा मंत्री आशीष सूद ने शनिवार को बताया कि प्रस्तावित नरेला एजुकेशन सिटी के लिए परियोजना का बजट 500 करोड़ रुपए से बढ़ाकर 1300 करोड़ रुपए कर दिया गया है। एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में सूद ने कहा कि यह निर्णय राष्ट्रीय राजधानी में उच्च और तकनीकी शिक्षा को मजबूत करने के लिए सरकार के दीर्घकालिक दृष्टिकोण को दर्शाता है।
160 एकड़ में बनेगा शिक्षा और नवाचार केंद्र
इस पहल के तहत दिल्ली शिक्षक विश्वविद्यालय के लिए लगभग 12.69 एकड़ और गुरु गोविंद सिंह इंद्रप्रस्थ विश्वविद्यालय के लिए 22.43 एकड़ भूमि के कब्जे के पत्र राज निवास में उपराज्यपाल की मौजूदगी में सौंपे गए। उन्होंने बताया कि इस कदम से परियोजना को ठोस गति मिलने की उम्मीद है।सूद ने कहा कि इंदिरा गांधी दिल्ली महिला तकनीकी विश्वविद्यालय (IGDTUW) को पहले ही 50 एकड़ भूमि आवंटित की जा चुकी है। नवीनतम आवंटन के साथ सरकार नरेला में लगभग 160 एकड़ में फैले वर्ल्ड क्साल एजुकेशन एंड इनोवेशन सेंटर के विकास की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रही है।
462 करोड़ रुपए का भुगतान हो चुका
शिक्षा मंत्री ने बताया कि दिल्ली विकास प्राधिकरण (डीडीए) को भूमि आवंटन के लिए भुगतान प्रक्रिया में भी तेजी लाई गई है। उन्होंने आगे बताया कि परियोजना के लिए शुरू में 500 करोड़ रुपए की मंजूरी दी गई थी, लेकिन भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए इसे बढ़ाकर 1300 करोड़ रुपए कर दिया गया है। सूद ने कहा कि इसमें से लगभग 462 करोड़ रुपए का भुगतान पहले ही किया जा चुका है। शेष राशि चालू वित्त वर्ष के भीतर चुका दी जाएगी।
कंबाइंड कैंपस के रूप में विकसित होगा
उन्होंने कहा कि नरेला एजुकेशन सिटी को एक कंबाइंड कैंपस के रूप में विकसित किया जाएगा। विश्वविद्यालय कैंपस के भीतर फैकल्टी और कर्मचारियों के लिए एलआईजी, एमआईजी, एचआईजी और ईडब्ल्यूएस फ्लैटों के रूप में आवासीय सुविधाएं भी प्रस्तावित हैं। विभिन्न विश्वविद्यालयों ने फ्लैटों, छात्रावासों और संबंधित बुनियादी ढांचे के निर्माण के लिए लगभग 567 करोड़ रुपए के निवेश का प्रस्ताव रखा है।ये रस्म अदायगी नहीं है, सरकार का रोडमैप पेश किया गया; LG के अभिभाषण पर CMये भी पढ़ें:दिल्ली सरकार के आयोजनों के लिए व्यंजनों की सूची तय, मिलेगा इतने आइटम्स का विकल्प
विकास को गति मिलने की उम्मीद
मंत्री ने बताया कि परियोजना की योजना और कार्यान्वयन में मार्गदर्शन के लिए अंतरराष्ट्रीय सलाहकारों और वैज्ञानिक अध्ययनों का उपयोग किया जा रहा है। सूद ने आगे कहा कि नरेला रणनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है। रिठाला-नरेला मेट्रो कॉरिडोर पर काम चल रहा है। बेहतर कनेक्टिविटी से आसपास के क्षेत्रों के समग्र विकास को गति मिलने की उम्मीद है।
