अंधविश्वास में चार की हत्या मामले में गांव के ही आठ लोग गिरफ्तार

रांची। झारखंड के गुमला जिले के सिसई थाना के नगर सिसकारी गांव में चार लोगों की हत्या मामले में पुलिस ने गांव के ही आठ लोगों को गिरफ्तार किया है । गिरफ्तार आरोपियों में गांव का पाहन और पुजारी भी शामिल है।
पुलिस अधीक्षक अंजनी कुमार झा ने सोमवार को पत्रकारों को बताया कि यह हत्या अंधविश्वास के कारण की गई है। उन्होंने बताया कि आठ लोगों की गिरफ्तारी हो गयी, हालांकि अब भी आठ आरोपी फरार हैं।
अंधविश्वास में चार लोगों की एक साथ हत्या किए जाने की जानकारी मिलने पर पुलिस अधीक्षक समेत अन्य वरीय अधिकारी मौके पर पहुंचे और अनुसंधान के क्रम में ग्रामीणों की ओर से यह बात सामने आयी कि सभी लोग रात में घर में थे, इसी बीच 8 से 10 नकाबपोश लोग आए और इन चारों की पीट-पीटकर हत्या कर दी। लेकिन पुलिस को ग्रामीणों की बातों पर विश्वास नहीं हुआ। गांव के बीच अखरा में चार लोगों की पीट-पीटकर हत्या किए जाने के संबंध में एक भी ग्रामीण प्रत्यक्ष रूप से सामने नहीं आए। तब पुलिस ने पूछताछ के लिए चार- पांच लोगों को थाने ले आई। गांव में कैंप कर खुद एसपी मामले की अनुसंधान कर रहे थे। अनुसंधान के क्रम में यह पता चला कि चारों ओझा- गुणी का काम करते थे।
ग्रामीणों ने बताया कि लगभग 15- 20 दिन पहले गांव में बोलो उरांव नाम के एक लड़के की मृत्यु किसी बीमारी से हो गई थी। इस बात को गांव के कुछ दबंग लोगों ने हवा उड़ा दिया कि सुना भगत ने ही उस पर डायन भूत का काम करके मार दिया है। इस कारण गांव में संकट आ गया है और प्रेत का रात में आवाज आता है, जिसके बाद अंधविश्वास से ग्रसित सिसकारी गांव के लोगों ने गांव के पहान और पुजारी के नेतृत्व में गांव में बैठक हुई। बैठक में लिए गए निर्णय के अनुसार इसके लिए एक दूसरे भक्ताइन से संपर्क करके अफवाह फैलायी गयी कि गांव के सुना उरांव, चांपा उरांव, पीरी उरांव और फागुनी देवी जो गांव में झाड़-फूंक किया करते हैं, इनके द्वारा देवी स्थान में बकरा चढ़ा दिया गया है। इसी के लिए गांव में संकट आया हुआ है। जिसके बाद 20-21 जुलाई की रात में गांव के कुछ लोगों ने इस अंधविश्वास पर विश्वास करके एक बैठक रखा और इन चारों को उनके घर से पकड़ कर लाए। जिसके बाद अखरा के पास लाठी डंडा से बेरहमी से पीट-पीटकर उनकी हत्या कर दी।
पुलिस अधीक्षक ने बताया कि ने बताया कि प्रारंभ में ग्रामीणों के द्वारा बताया जा रहा था कि कुछ नकाबपोश अपराधियों के द्वारा घटना को किया गया है. पर जब पुलिस घटनास्थल पर गई हुई थी, उसी समय यह साफ हो गया था कि यह अंधविश्वास में की गई हत्या है। गांव के ही लोग इसमें शामिल हैं।
