चंद्रयान-2 मिशन में अंबाला की अहम भूमिका, यहीं बने कई उपकरण, इन्हीं से जांची गई थी क्षमता

सोमवार दोपहर को भारत ने श्रीहरिकोटा से चंद्रयान-2 लांच कर दुनिया में एक और बड़ी उपलब्धि को हासिल की। देश की इस बड़ी उपलब्धि में हरियाणा का भी अहम योगदान रहा।इस चंद्रयान-2 को तैयार करने में कई महत्वपूर्ण वैज्ञानिक उपकरण हरियाणा स्थित साइंस सिटी अंबाला में वैशेषिका इलेक्ट्रॉन डिवाइसेस में प्रेजिडेंट डॉ अनिल जैन व उनके विशेषज्ञों की टीम की निगरानी में ही तैयार किए गए।
चंद्रयान-2 के प्रक्षेपण में सबसे अहम इसके राकेट्स की क्षमता को जमीन पर ही टेस्ट करने के लिए जिस 450 टन के खास उपकरण का इस्तेमाल किया गया, उसे भी साइंस सिटी अंबाला में ही तैयार किया गया और इतनी बड़ी क्षमता वाला यह उपकरण एशिया में पहली बार तैयार किया गया था।
हरियाणा में तैयार इन उपकरणों को तिरुवनंतपुरम स्थित मानक एवं कैलिब्रेशन एविओनिक्स प्रयोगशाला, महेंद्रगिरी स्थित इसरो प्रोपेलेंट रिसर्च फैसिलिटी सेंटर और श्रीहरिकोटा की मानक प्रयोगशालाओं में स्थापित किया गया था।
इन्हीं उपकरणों पर वरिष्ठ वैज्ञानिकों ने चंद्रयान-2 प्रोजेक्ट के कई जरूरी प्रयोग और क्षमता टेस्ट किए। श्रीहरिकोटा के स्पेस सेंटर में 450 टन लोड सैल कैलिब्रेशन सिस्टम को लगाया गया। इसके जरिए रॉकेट्स मोटरों की थ्रस्ट क्षमता का परीक्षण और मूल्यांकन किया गया। ताकि ये मालूम हो सके कि ये राकेट्स अंतरिक्ष में उड़ान भर चंद्रयान-2 के प्रक्षेपण की क्षमता योग्य हैं या नहीं।
चंद्रायान-2 प्रोजेक्ट्स के ये उपकरण भी हरियाणा में बने
–तिरुवनंतपुरम स्थित विक्रम साराभाई स्पेस सेंटर के राकेट सिस्टम टेस्टिंग डिविजन में भी 450 टन व 30 टन फोर्स कैलिब्रेशन सुविधा उपलब्ध करवाई गई।
–तापमान ट्रांसड्यूजर, सामग्री सूक्ष्म सरंचना परीक्षा प्रणाली, ठोस प्रणोदक के अलावा रॉकेट बूस्टर सुविधा प्रयोगशाला में भी कुछ उपकरण स्थापित किए गए।
–राकेट बूस्टर सुविधा प्रयोगशाला में सॉफ्टवेयर सिस्टम भी अंबाला के विशेषज्ञों ने तैयार करके दिया
'चंद्रायान-2 की सफल लांचिंग पूरे देश के लिए गर्व की बात है। इसमें हरियाणा के लिए भी विशेष गर्व की बात यह कि इस प्रोजेक्ट कई तरह की महत्वपूर्ण मशीनरी ऐसी भी थीं, जिन्हे प्रदेश में ही तैयार किया गया। हम खुश है कि इस प्रोजेक्ट में हरियाणा प्रदेश ने भी अपना योगदान दिया है।'
-डॉ अनिल जैन, प्रजिडेंट एवं विशेषज्ञ वैशेषिका इलेक्ट्रॉन डिवाइसेस-
मैं चंद्रयान-2 की ऐतिहासिक लांचिंग के लिए टीम इसरो को बधाई दी है, जिससे भारत विश्व में वैज्ञानिक रूप से उन्नत शीर्ष देशों के समूह में शामिल हो गया है। यह सभी भारतीयों के लिए गर्व का पल है। हमारे अंतरिक्ष कार्यक्रम को गति देने, अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी में नये कीर्तिमान स्थापित करने और भारत को वह स्थान दिलाने, जिस पर इस समय तीन शीर्ष राष्ट्र काबिज हैं, के लिए इसरो के वैज्ञानिकों, इंजीनियरों और तकनीशियनों को भी बधाई देता हूं। वैज्ञानिकों को प्रोत्साहित करने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का भी धन्यवाद करता हूं। इस मिशन से नये अविष्कारों को बल मिलेगा और हमारी ज्ञान प्रणाली सुदृढ़ होगी। -मनोहर लाल, मुख्यमंत्री, हरियाणा
