दिल्ली का नाथू कॉलोनी फ्लाईओवर होगा ध्वस्त? 11 साल में ही हुआ कमजोर

नई दिल्ली|पूर्वी दिल्ली के शाहदरा इलाके में नाथू कॉलोनी फ्लाईओवर अब गंभीर संकट में है। महज 11 साल पुराना यह फ्लाईओवर भारी वाहनों का बोझ सहन करने में कमजोर पाया गया है। दिल्ली विधानसभा की हालिया विंटर सेशन में दी गई जानकारी के अनुसार, इसकी तोड़-फोड़ या बड़े पैमाने पर पुनर्निर्माण की संभावना है।

निर्माण में खराब सामग्री, जल्दी आईं दरारें

यह फ्लाईओवर 2015 में दिल्ली पर्यटन एवं परिवहन विकास निगम (DTTDC) ने बनवाया था। इसका मकसद गाजीपुर बॉर्डर के पास ट्रैफिक जाम कम करना था। 2016 में इसे लोक निर्माण विभाग (PWD) को रखरखाव के लिए सौंप दिया गया। लेकिन 2018 में ही संरचना में दरारें दिखने लगीं। जांच के बाद 2019 से भारी वाहनों पर रोक लगा दी गई, जो आज तक जारी है।

गाजियाबाद में 1 महीने के लिए धारा 163 लागू; रैली, जुलूस-भीड़ जुटाने पर लगी रोक

लोड टेस्ट और जांच ने खोली कमजोरी

पिछले साल हुई लोड टेस्ट और विजिलेंस जांच से साफ हुआ कि निर्माण में इस्तेमाल सामग्री की गुणवत्ता बहुत खराब थी। फ्लाईओवर पर दरारें और गड्ढे पड़ गए हैं। नेताजी सुभाष यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्नोलॉजी (NSUT) ने मई 2025 में लोड टेस्ट किया। रिपोर्ट सितंबर 2025 में आई, जिसके बाद प्राइवेट कंसल्टेंट ने अक्टूबर में अपनी सिफारिशें दीं। जांच में डेक स्लैब में ज्यादा झुकाव पाया गया। दिसंबर 2025 तक पुनर्निर्माण के लिए डिजाइन और ड्रॉइंग भी प्राप्त हो चुकी हैं।

दोस्त का पता नहीं बताया तो 16 बार चाकू से गोदा, दिल्ली में खौफनाक वारदात

हाईकोर्ट के आदेश के बाद हुई जांच

एक स्थानीय विधायक की जनहित याचिका पर दिल्ली हाईकोर्ट ने तुरंत मरम्मत शुरू करने के निर्देश दिए थे। इसके बाद विजिलेंस जांच शुरू हुई और सीएम स्तर पर विशेष जांच का आदेश हुआ। पीडब्ल्यूडी अब रिपोर्ट सीएम के सामने रखने वाली है। फैसला होगा तो मरम्मत, पुनर्निर्माण या पूरी तरह तोड़ने का विकल्प सामने आएगा।

उद्देश्य अधूरा, सात साल से भारी वाहन बंद

20 खंभों और 28 स्लैब्स वाला यह फ्लाईओवर पूर्वी दिल्ली को गाजियाबाद से जोड़ने और भारी माल ढुलाई को आसान बनाने के लिए बनाया गया था। लेकिन भारी वाहनों पर लगी रोक के कारण इसका असली फायदा पिछले सात साल से नहीं मिल पा रहा है।

Leave a Reply