हरियाणा में पकड़े गए 4 बदमाश, दिल्ली से अमेरिका तक फैलाया था आतंक

नई दिल्ली|हरियाणा विशेष कार्य बल (एसटीएफ) की करनाल टीम ने रोहित गोदारा और गोल्डी बराड़ गिरोह के चार शूटरों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने शूटर रमन और लोकेश को 10 जनवरी को करनाल से पकड़ा, जबकि बलराज और रविंदर को 14 जनवरी को कैथल से गिरफ्तार किया। इनके पास से चार विदेश निर्मित अवैध पिस्तौल (बरेटा और जिगाना) और एक बुलेटप्रूफ वाहन बरामद किया गया है। बदमाशों से पूछताछ में खुलासा हुआ कि वे अमेरिका में सक्रिय थे और वहां सुनील यादव की हत्या और हैरी बॉक्सर पर जानलेवा हमले जैसी गंभीर वारदात में शामिल रहे हैं।ये बदमाश अमेरिका से ही हरियाणा, दिल्ली, पंजाब और राजस्थान के व्यापारियों से जबरन वसूली का रैकेट चला रहे थे। आरोपी भारत भाग आए थे, लेकिन एसटीएफ ने उन्हें दबोच लिया। अब इस मामले में इंटरपोल और अमेरिकी अधिकारियों के साथ समन्वय कर इस बारे में जानकारी दी जा रही है।

भारत आकर लोकेश से मिले थे

अमेरिका में कॉट्रेक्ट किलिंग करने वाले तीन शातिर बदमाशों ने साल 2024 और 2025 में अमेरिकी शूटर के साथ मिलकर दो हत्या की वारदातों को अंजाम दिया। अक्टूबर 2025 में तीन बदमाश अमेरिका से भारत लौट आए और अपने एक साथी लोकेश से मिले। एसटीएफ करनाल की टीम ने कार्रवाई करते हुए दस जनवरी को रमन और लोकेश को गिरफ्तार किया। 14 जनवरी को टीम ने रविंद्र और बलराज गिरफ्तार किया।पुलिस ने आरोपियों के पास से चार विदेशी पिस्टल, एक बुलेट प्रूफ एसयूवी कार और आठ जिंदा कारतूस बरामद किए गए। अमेरिका से लौट रमन, बलराज और रविंद्र के खिलाफ भारत में पहले कोई भी मामला दर्ज नहीं था। एसटीएफ द्वारा गिरफ्तार करने के बाद बरामद किए गए अवैध हथियारों का पहला मामला दर्ज करवाया गया है।

रमन के पास अमेरिका का ग्रीन कार्ड

एसटीएफ आईजी सतीश बालन ने बताया कि मूलरूप से पूंडरी निवासी रमन अपने पासपोर्ट से अमेरिका साल 2017 में गया था। वहां पर 9 महीनों तक जेल में रहने के बाद उसे अमेरिका का ग्रीन कार्ड मिला। उसके बाद वह वीरेंद्र सांबी की मदद से करनाल निवासी मोनू राणा और नोनी राणा से मिला। उन्होंने रमन को गैंगस्टर रोहित गोदारा से मिलवाया। उसके बाद रमन अपने साथी रविंद्र उर्फ रवि और बलराज के साथ मिलकर लॉरेंस बिश्नोई गैंग के गैंगस्टर रोहित गोदारा और गैंगस्टर गोल्डी बराड के लिए मिलकर काम करने लगे।

करोड़ों रुपये लेकर दो हत्याएं करवाईं

एसटीएफ की पूछताछ में रमन ने बताया कि साल 2024 में लॉरेंस गैंग के मूलरूप से पंजाब निवासी सुनील यादव की हत्या अमेरिकी शूटर के साथ मिलकर की थी। लॉरेंस गैंग के गोल्डी बराड और रोहित गोदारा में झगड़ा होने के बाद गोदारा गैंग में रमन,बलराज और रविंद्र काम करने लगे। जबकि गोल्डी बराड़ गैंग में हैरी बॉक्सर काम करने लगा। अक्तूबर 2025 में रमन ने दोबारा हैरी की हत्या की साजिश रही लेकिन वह बच गया। इस हमले में बनवारी गोदारा की हत्या हुई। रमन ने अमेरिकी शूटर को करोड़ों रुपये दिए थे।हरियाणा एसटीएफ को आईजी सतीश बालन ने कहा कि चारों को रिमांड पर लेकर पूछताछ की जा रही है। मोस्टवाटेंड गैंगस्टर के बारे में भी जानकारी जुटाई जा रही है। अमेरिका से आए तीनों बदमाशों की जानकारी सीबीआई की मदद से इंटरपोल व अमेरिका को दी जाएगी।

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