नौकरी के नाम पर लड़कियों का शोषण, अश्लील वीडियो बनाकर करते थे ब्लैकमेल

फरीदाबाद में साइबर अपराध सेंट्रल थाना पुलिस द्वारा पकड़े गए गिरोह से पूछताछ में खुलासा हुआ है कि आरोपी नौकरी के लिए आवेदन करने वाली युवतियों को अपनी प्लेसमेंट फर्म में सेक्रेटरी की नौकरी देने का झांसा देकर उनसे शारीरिक संबंध बनाते थे। आरोपियों में से एक के मोबाइल में मिले अश्लील वीडियो से इसका खुलासा हुआ है।पुलिस की पूछताछ में सामने आया है कि आरोपी अलग-अलग शहरों में जाकर होटलों में नौकरी के लिए आवेदन करने वाले लोगों के इंटरव्यू लेते थे। इस दौरान युवतियों का मोबाइल नंबर भी ले लेते थे। बाद में उनसे बातकर उन्हें अपनी फर्म में सेक्रेटरी बनाने और अच्छे वेतन का लालच देते थे।

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इस दौरान आरोपी उन्हें अपने प्रेम जाल में फंसाते थे। पूछताछ में आरोपियों में से एक ने तीन युवतियों के साथ संबंध बनाने की बात कबूल की है। आरोपी ने दिल्ली के करोल बाग, मुंबई और पुणे में वारदात करना कबूल किया है। पुलिस जब आरोपियों के मोबाइल फोन को खंगाल रही थी तो इस दौरान दो-तीन युवतियों के आपत्तिजनक वीडियो मिले थे। इस वीडियो के आधार पर पुलिस ने पूछताछ की तो आरोपियों में से एक ने तीन युवतियों को नौकरी का लालच और प्रेम जाल में फंसाकर शारीरिक संबंध बनाना कबूल किया है। हालांकि, तीनों घटनाएं शहर की नहीं हैं। इस वजह से पुलिस ने इस संबंध में कोई कार्रवाई नहीं की है।

सेक्रेटरी बनाने का लालच दिया

साइबर अपराध थाना सेंट्रल एसएचओ विमल कुमार ने बताया कि इस मामले में आरोपियों में से एक ने तीन युवतियों को सेक्रेटरी बनाने का लालच देकर शारीरिक संबंध बनाना कबूला है। जिस-जिस शहर की घटनाएं हैं और वहां की पुलिस को जानकारी दी जाएगी। बता दें कि पुलिस ने तीन दिन पहले फर्जी प्लेसमेंट एजेंसी चलाकर नौकरी की तलाश में जुटे युवाओं के साथ धोखाधड़ी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश किया था।

तीन आरोपी पकड़े जा चुके

मामले में गिरफ्तार हुए आरोपियों की पहचान दयाल नगर फरीदाबाद निवासी विशाल, दिल्ली के बलजीत नगर निवासी हर्ष कुमार और दिल्ली उत्तम नगर निवासी योगेश कुमार के रूप में हुई थी। आरोपियों ने गत वर्ष 12 नवंबर को शहर निवासी एक युवती को एयरलाइंस कंपनी में नौकरी लगवाने का झांसा देकर 43, 800 रुपये की ठगी की वारदात करना कबूला था। आरोपियों ने उसका इंटरव्यू लेकर अपॉइंटमेंट लेटर भी जारी किया था। बाद में पता चला कि अपॉइंटमेंट लेटर फर्जी था।

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होटल में आवेदनकर्ताओं का इंटरव्यू लेते थे

पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तार आरोपियों ने बताया कि वह होटल में कमरा लेकर आवेदनकर्ताओं के इंटरव्यू लेते थे। इस दौरान उनसे वर्दी, ट्रेनिंग, कैंटीन कार्ड और अन्य तरह के शुल्क के नाम पर उनसे 30 से 50 हजार रुपये तक ले लिए जाते थे। रुपये लेने के बाद उन्हें फर्जी अपॉइंटमेंट लेटर जारी कर दिए जाते थे। जब आवेदक कंपनी पहुंचता तो उसे फर्जीवाड़े का पता चलता था, तब तक आरोपी होटल से फरार हो चुके होते थे।

युवाओं को ऐसे जाल में फंसाते थे

पुलिस को पता चला था कि यह गिरोह शहर के अलग-अलग हिस्सों में चल रहा है। आरोपी पहले नौकरी लगवाने वाली एक वेबसाइट पर अपनी फर्म का विज्ञापन देते थे। विज्ञापन देने के बाद नौकरी के इच्छुक लोग आवेदन करते थे।

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