‘जब तक लक्ष्य पूरा नहीं होगा, सैलरी नहीं लूंगा’—राजस्थान के कलेक्टर का बड़ा प्रण

राजसमंद |राजस्थान के एक कलेक्टर ने गरीबों के हित में सैलरी नहीं लेने का प्रण लिया है। कलेक्टर ने कहा कि वह तब तक सैलरी नहीं लेंगे जब तक अपने जिले के गरीबों को तीन प्रमुख गरीबी उन्मूलन सरकारी योजनाओं के तहत लाभ के लिए नामांकन न हो जाए।एनडीटीवी की रिपोर्ट के अनुसार, राजस्थान के राजसमंद जिले के कलेक्टर ने अपने जिले के गरीबों को तीन प्रमुख गरीबी उन्मूलन सरकारी योजनाओं के तहत लाभ के लिए नामांकित किए जाने तक अपना वेतन छोड़ने का फैसला किया है। कलेक्टर अरुण कुमार हसीजा के अनुसार, काम करवाने के दो तरीके हैं। उन्होंने बताया कि या तो मैं अपने जिला अधिकारियों पर सख्ती बरतकर उनसे काम पूरा करवाता या फिर उन्हें काम करने के लिए प्रेरित करता। इसलिए मैंने उन्हें प्रेरित करने का संकल्प लिया है ताकि हम जिले में नामांकन का काम समय पर पूरा कर सकें।राजसमंद जिले में लगभग 30000 लोग गरीब वर्ग में आते हैं। इनमें मुख्य रूप से तीन योजनाओं के लाभार्थी शामिल हैं- पहला, राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत मुफ्त राशन या गेहूं प्राप्त करने वाले; दूसरा, माता-पिता का सहारा खो चुके बच्चे जो पालनहार योजना के लाभार्थी हैं; और तीसरा, सामाजिक सुरक्षा पेंशन प्राप्त करने वाले लोग जैसे कि अकेली महिलाएं, विधवाएं और बुजुर्ग। कई लोगों के लिए इन योजनाओं के रूप में सरकारी सहायता जीवनयापन के लिए बेहद जरूरी है।कलेक्टर ने कहा कि अगर हमारी सैलरी 10 दिन भी देरी से मिलती है तो हमें कई कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। हर किसी का जीवन चक्र उसकी आय से जुड़ा होता है। बच्चों की स्कूल फीस, किश्तें, क्रेडिट कार्ड के बिल और अन्य खर्चे। मैं अपने कर्मचारियों को यह समझाना चाहता था कि सैलरी में 10 दिन की देरी से जीवन पर क्या असर पड़ता है। लेकिन, उन गरीब लोगों के बारे में सोचिए जिन्हें सरकार से सिर्फ 1500 रुपए प्रति माह मिलते हैं। अगर सत्यापन संबंधी समस्याओं के कारण वह राशि तीन महीने तक रुकी रहती है तो यह सरासर अन्याय है।राजस्थान में ऊंट से टकराई कार, ड्राइवर की मौत; दंपति और बच्चे बाल-बाल बचेये भी पढ़ें:राजस्थान का 1 लाख का इनामी तस्कर गिरफ्तार, 5 राज्यों में नेटवर्क; 8 साल से तलाश कलेक्टर हसीजा के इस कदम के परिणाम महज 48 घंटों में दिखने लगे हैं। सामाजिक सुरक्षा पेंशन के 190440 लाभार्थियों में से 88 प्रतिशत का रजिस्ट्रेशन हो चुका है, जबकि 167688 लाभार्थियों का सत्यापन होना बाकी है। हसीजा को उम्मीद है कि मुफ्त राशन योजना के तहत आने वाले एनएफएसए लाभार्थियों और पालनहार योजना के अनाथ बच्चों के लिए भी इसी तरह के परिणाम सामने आने लगेंगे।उन्होंने कहा कि यह प्रतिज्ञा मेरी अपनी है। मैं इसे किसी और पर थोपना नहीं चाहता। जब तक मेरे अधिकारी यह सत्यापन पूरा नहीं कर लेते, मैं जनवरी का वेतन नहीं लूंगा। उन्होंने आगे बताया कि अधिकारियों ने उन्हें आश्वासन दिया है कि काम 31 जनवरी तक पूरा हो जाएगा।

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