आखिरकार सामने आए सिद्धू, जल्‍द खोलेंगे अपने पत्‍ते, समर्थकों से कहा- फील्‍ड में उतरेंगेे

अमृतसर। पंजाब के पूर्व कैबिनेट मंत्री नवजोत सिंह आखिरकार मंगलवार दिनों के बाद अपने समर्थकों से रूबरू हुए। सिद्धू मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह से विवाद के बाद से करीब डेढ़ माह से मौन रहे और मीडिया व समर्थकों से दूर रहे। मंत्री पद से इस्तीफा मंजूर होने के बाद भी उन्‍होंने अपना मौन नहीं तोड़ा है और अब भी मीडिया से दूर हैं। लेकिन वह मंगलवार को अपनी कोठी में बनाए गए कार्यालय में समर्थकों से मिले और जल्‍द ही फील्‍ड में उतरने की बात कही। ऐसे में संकेत हैं कि सिद्धू जल्‍द ही अपने सियासी पत्‍ते खोल सकते हैं।

इससे पहले उनकी पत्‍नी डॉ. नवजोत कौर सिद्धू ने साेमवार को कहा था कि सिद्धू जल्‍द ही समर्थकों से मिलेेंगे। वैसे सिद्धू से कांग्रेसियों ने दूरी बना ली है और वह उनसे मिलने नहीं आ रहे हैं। लेकिन, रविवार को सिद्धू के यहां पहुंचने के बाद से समर्थक उनसे मिलने आ रहे थे। सिद्धू पहले उनसे नहीं मिल रहे थे, ले‍किन मंगलवार को वह समर्थकों से मिले। हालांकि मीडिया से उनकी दूरी कायम रही।
सिद्धू अपने विधानसभा हलके के वर्करों से मिले और उन्हें फील्ड में डटने को कहा। मंगलवार को सिद्धू के होली सिटी स्थित निवास पर उनके कार्यकर्ता पहुंचे तो उनको अंदर जाने दिया गया। काफी सख्‍या में पत्रकार भी वहां पहुंचे थे, लेनिक उनको अंदर नहीं जाने दिया गया। समर्थकों ने बताया कि सिद्धू ने कहा कि वह हल्के में सक्रिय हों और अपना जनसंपर्क बढ़ाएं। वह भी जल्द फील्ड में उतरेंगे और लोगों से मिलेंगे।
बता दें कि सिद्धू मंत्री पद से इस्‍तीफा मंजूर होने के बाद चंडीगढ़ की सरकारी कोठी छोड़कर परिवार सहित रविवार को अमृतसर में अपनी कोठी पर पहुंचे। कयास लगाए जा रहे थे कि यहां पहुंचने पर उनसे मिलने वालों का जमावड़ा लगेगा, लेकिन ऐसा कुछ नहीं दिख रहा है। कोई भी शहर का कोई कद्दावर कांग्रेस नेता उनसे मिलने नहीं पहुंचा। शहर के नेताओं ने भी उनसे दूरी बनाए रखी। रविवार और सोमवार को उनके विधानसभा हलके से कुछ पार्षद मिलने जरूर पहुंचे, लेकिन वह उनसे सिद्धू नहीं मिले।
दो दिनों तक सिद्धू की कोठी में सन्नाटा ही दिखा। सोमवार केा दोपहर बाद कोठी में ही बने उनके विधानसभा हलके का कार्यालय खुला। उनकी पत्‍नी डॉ. नवजोत कौर सिद्धू वहां कुछ समय के लिए बैठीं। हलके के कुछ पार्षद और लुधियाना से आए समर्थक उनसे मिले, लेकिन मीडिया के लिए मुख्य द्वार बंद रखा गया। पत्रकारों ने बातचीत के लिए कई बार संदेश भेजा, लेकिन अंदर से कोई जवाब नहीं आया। कार्यालय में पहुंचे समर्थकों को डॉ. नवजोत कौर सिद्धू ने भरोसा दिया कि जल्‍द ही नवजोत सिद्धू उनसे मिलेंगे। इसके बाद मंगलवार को सिद्धू समर्थकों से रूबरू हुए।
नवजोत सिद्धू की कांग्रेस में एंट्री कई कांग्रेसियों को कभी नहीं सुहाई। नगर निगम चुनाव में सिद्धू द्वारा कांग्रेसियों को दरकिनार कर अपने चहेतों को टिकट दिलवाने के बाद से ही उनका विरोध शुरू हो गया था। यही कारण है कि अमृतसर पहुंचने के बाद भी छोटे-बड़े कांग्रेसी सिद्धू से दूर रहे।
कैबिनेट मंत्री सुखविंदर सिंह सुखसरकारिया और ओम प्रकाश सोनी चंडीगढ़ में थे, लेकिन बताया जाता है कि शहर के दोनों विधायकों ने सिद्धू को फोन तक नहीं किया। जिला कांग्रेस कमेटी की प्रधान जतिंदर सोनिया द्वारा कांग्रेस भवन में रखे गए कार्यक्रम में मेयर कर्मजीत सिंह रिंटू व नगर सुधार ट्रस्ट के चेयरमैन दिनेश बस्सी मौजूद रहे, लेकिन किसी ने सिद्धू का नाम तक नहीं लिया।

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