कैप्टन ने किया बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का हवाई सर्वे, घग्गर में बाढ़ का मुद्दा केंद्र व हरियाणा के सामने उठाएंगे

पटियाला/संगरूर। मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने कहा कि घग्गर दरिया में आने वाली बाढ़ की समस्या से निपटने के लिए वह सेंट्रल वाटर कमिशन और हरियाणा के मुख्यमंत्री से बात करेंगे। आपसी सहमति से काम करके गांवों को बाढ़ से होने वाले नुकसान से बचाया जा सकता है। वह मंगलवार को पटियाला, संगरूर के बाढ़ प्रभावित गांवों का हवाई दौरा करने के बाद समाना के नजदीक कस्बा बादशाहपुर में बातचीत कर रहे थे। 

मुख्यमंत्री ने बाढ़ प्रभावित गांवों के किसानों से घग्गर दरिया की समस्या के समाधान पर भी चर्चा की। उन्होंने कहा कि किसानों ने दरिया पर बांध बनाकर बाढ़ से निपटने का हल बताया है, लेकिन घग्गर पर सेंट्रल वाटर कमिशन का अधिकार है। केंद्र से बात किए बिना समाधान नहीं हो सकता। इस बार बाढ़ से पटियाला और संगरूर की करीब 60 हजार एकड़ फसल बर्बाद हुई है। 
कैप्टन ने कहा कि 1966 में पंजाब के विभाजन के दौरान सत्तासीन अकाली दल ने घग्गर दरिया सेंट्रल वाटर कमिशन को सौंप दिया था। जिस कारण बाढ़ से होने वाले नुकसान को रोकना कठिन हो रहा है। दरिया के बांध को मजबूत बनाने का काम भी पिछली अकाली-भाजपा सरकार ने रोक दिया था। इससे पहले कांग्रेस सरकार ने 22 किलोमीटर तक बांध मजबूत बनाने का काम शुरू किया था।
मुख्यमंत्री ने कहा कि बाढ़ से बचने के लिए पंजाब और हरियाणा दोनों राज्यों को बांध बनाने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि बाढ़ प्रभावित गांवों के हवाई सर्वे के बाद पटियाला के 224 गांवों की 41 हजार 64 एकड़ और संगरूर में 10 हजार एकड़ जमीन की फसल खराब हुई है। किसानों के नुकसान की भरपाई के लिए दोनों जिलों के डीसी को गिरदावरी रिपोर्ट जल्द तैयार करने को कहा है। रिपोर्ट मिलते ही साथ के साथ किसानों को पैसे जारी कर दिए जाएंगे। राज्य सरकार कुदरती आपदा फंडों से किसानों को वित्तीय सहायता देगी। 
कैप्टन ने कहा कि छह साल पहले पंजाब ने दरिया के बांधों की मरम्मत के लिए सेंट्रल वाटर कमिशन को प्रस्ताव दिया था। कमिशन ने मार्च 2019 में सेंट्रल वाटर एंड पावर रिसर्च स्टेशन को इस पर अध्ययन करने को कहा है। उन्होंने कहा कि वह भारत सरकार को दूसरे चरण में मकरोड़ साहिब से कड़ैल के 17.5 किलोमीटर प्रोजेक्ट का काम पंजाब को करने की मंजूरी पर राजी कराएंगे। 
एनडीआरएफ व सेना ने मंगलवार शाम गांव मकरोड़ साहिब व फूलद के बीच घग्गर दरिया के बांध में पड़ी दरार को छठे दिन पूरी तरह बंद कर दिया। पानी के तेज बहाव के कारण दरार भरने का काम लगातार प्रभावित हो रहा था। हालांकि, स्थानीय लोगों का कहना है कि प्रशासन के पास पर्याप्त इंतजाम नहीं था। वरना दरार को काफी पहले बंद किया जा सकता था। दरार के कारण जल स्तर 751 फीट से अधिक हो गया था। खतरे का निशान 752 फीट पर है। मंगलवार को जलस्तर 741 फीट से नीचे सामान्य स्तर पर पहुंच गया। इससे लोगों ने राहत की सांस ली है।

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