16 फरवरी से बंद होगा दिल्ली एयरपोर्ट का अहम रनवे
नई दिल्ली|अगर आप आगामी दिनों में दिल्ली एयरपोर्ट से फ्लाइट पकड़ने जा रहे हैं तो यह खबर आपके लिए है। इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के तीसरे रनवे यानी 11R/29L को 16 फरवरी से बंद कर दिया जाएगा। इसे अगले 5 महीने के लिए बंद रखा जाएगा और जुलाई माह में डीजीसीए की मंजूरी के बाद ही दोबारा खोला जाएगा।
उड़ानों पर नहीं होगा असर
एयरपोर्ट का संचालन करने वाले समूह डायल ने बताया कि 16 फरवरी से रनवे 11R/29L, जिसे आमतौर पर तीसरे रनवे के नाम से जाना जाता है, को मरम्मत और अपग्रेड के लिए बंद कर दिया जाएगा। खास बात यह है कि रनवे ऐसे समय में बंद हो रहा है जब गर्मियों की छुट्टियों की वजह से यात्रियों की भारी भीड़ रहती है। डायल का कहना है कि रनवे बंद होने से उड़ानों पर कोई खास असर नहीं पड़ेगा। एक अधिकारी के अनुसार, एयरपोर्ट से रोजाना औसतन 1,520 उड़ानें संचालित होती हैं। सभी संबंधित पक्षों के साथ हुई बैठक के बाद डायल ने आश्वासन दिया है कि इस दौरान उड़ानों की क्षमता को 1,514 प्रतिदिन पर बरकरार रखा जाएगा।
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2025 में भी बंद हुआ था एक रनवे
दिल्ली हवाई अड्डे पर कुल चार रनवे संचालित होते हैं: 27/9, 28/10, 29R/11L, और 11R/29L। इससे पहले जब 2025 में रनवे 28/10 को बंद किया गया था, तब रोजाना लगभग 200 उड़ानों पर असर पड़ा था। डायल ने जानकारी दी कि: "भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण और अन्य संबंधित पक्षों के साथ मिलकर कई उच्च-स्तरीय बैठकें की गई हैं, ताकि रनवे बंद होने से पड़ने वाले प्रभाव का आकलन किया जा सके और उसे कम किया जा सके। इन चर्चाओं के बाद यह तय किया गया है कि हवाई अड्डे की उड़ानों की क्षमता को 1,514 प्रतिदिन पर बनाए रखा जाएगा। साथ ही, एयरलाइंस और एयर ट्रैफिक कंट्रोल को पूरी जानकारी दे दी गई है और सेवाओं को सुचारू रूप से जारी रखने के लिए योजनाएं तैयार हैं।"
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डायल के सीईओ विदेह कुमार जयपुरिया ने कहा: "हम इस प्रोजेक्ट को समय पर पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। हमारी कोशिश रहेगी कि हवाई अड्डे के कामकाज में कम से कम बाधा आए। इसके लिए हम भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण डीजीसीए एयरलाइंस और सभी संबंधित पक्षों के साथ मिलकर काम कर रहे हैं।" उन्होंने आगे बताया कि रनवे 11R/29L की मरम्मत का काम लंबे समय की सुरक्षा, कार्यकुशलता और वैश्विक मानकों को पूरा करने के लिए बहुत जरूरी है। इस मरम्मत कार्य में लगभग 2,000 एयरफील्ड ग्राउंड लाइटिंग फिक्स्चर को हटाना और फिर से लगाना शामिल है।
अपग्रेड में क्या-क्या होगा?
➤नई सतह : रनवे की ऊपरी परत को नया बनाया जाएगा।
➤रैपिड एग्जिट टैक्सीवे: विमानों के रनवे से जल्दी बाहर निकलने के लिए नया रास्ता बनाया जाएगा।
➤ILS सिस्टम: लैंडिंग में मदद करने वाला नया 'इंस्ट्रूमेंट लैंडिंग सिस्टम' लगाया जाएगा।
एयरफील्ड ग्राउंड लाइटिंग क्या है?
डायल के अनुसार, यह रनवे पर लगी लाइटों का एक पूरा सिस्टम होता है जो पायलटों को सुरक्षित टेक-ऑफ, लैंडिंग और जमीन पर आवाजाही के लिए जरूरी रास्ता दिखाता है। यह कम रोशनी या खराब मौसम में बहुत मददगार होती है। ये लाइटें अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुसार अलग-अलग रंगों और चमक के साथ रनवे के किनारों, बीच की रेखा (सेंटरलाइन) और लैंडिंग क्षेत्र की पहचान कराती हैं। इससे दिन और रात, दोनों समय सुरक्षित उड़ानें संभव हो पाती हैं।रनवे 11R/29L को पुराने 'ज़ुलु' टैक्सीवे से जोड़ने के लिए एक नया रैपिड एग्जिट टैक्सीवे बनाया जाएगा। इस नए रास्ते की मदद से विमान लैंडिंग के बाद रनवे से जल्दी बाहर निकल सकेंगे। इससे रनवे खाली होने में कम समय लगेगा, जो खासकर व्यस्त घंटों के दौरान उड़ानों के बेहतर संचालन में मदद करेगा।
