Surajpur News: हसदेव आंदोलन में शामिल छात्रों के मामले में बड़ी कार्रवाई, प्रधान पाठक निलंबित

सूरजपुर : जिले में हसदेव बचाओ आंदोलन से जुड़े एक मामले में शिक्षा विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। आंदोलन में स्कूली छात्रों की भागीदारी सामने आने के बाद जिला शिक्षा अधिकारी की रिपोर्ट के आधार पर संयुक्त संचालक शिक्षा ने गणेशपुर पूर्व माध्यमिक शाला के प्रधान पाठक को निलंबित कर दिया है।
बताया गया कि हाल ही में कांग्रेस के आदिवासी प्रकोष्ठ के राष्ट्रीय अध्यक्ष आंदोलन के दौरान सूरजपुर पहुंचे थे, जहां बड़ी संख्या में स्थानीय लोग और कार्यकर्ता मौजूद थे। इसी दौरान रामानुज नगर विकासखंड के गणेशपुर स्थित शासकीय स्कूलों के कई छात्र सड़क पर खड़े होकर कांग्रेस नेता का स्वागत करते और “हसदेव बचाओ” के नारे लगाते नजर आए थे। इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो सोशल मीडिया पर भी वायरल हुआ था।
मामले की जांच के बाद जिला शिक्षा अधिकारी ने अपनी रिपोर्ट संयुक्त संचालक शिक्षा को सौंपी। रिपोर्ट में कहा गया कि शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय गणेशपुर और पूर्व माध्यमिक शाला गणेशपुर के छात्र-छात्राएं स्कूल समय में राजनीतिक गतिविधियों में शामिल पाए गए, जो नियमों के खिलाफ है।
विकासखंड शिक्षा अधिकारी रामानुज नगर से प्राप्त प्रतिवेदन में स्कूल के प्राचार्य, एक व्याख्याता और पूर्व माध्यमिक शाला के प्रधान पाठक की भूमिका संदिग्ध बताई गई। रिपोर्ट में यह भी उल्लेख किया गया कि यह कृत्य छत्तीसगढ़ सिविल सेवा आचरण अधिनियम के विपरीत है।
इन तथ्यों के आधार पर संयुक्त संचालक शिक्षा ने प्रधान पाठक सभान राम सिंह को निलंबित कर दिया। निलंबन आदेश में कहा गया कि इस घटना से विभाग की छवि धूमिल हुई है और विद्यालय में छात्रों को राजनीतिक गतिविधियों से रोकने के लिए प्रधान पाठक द्वारा कोई ठोस प्रयास नहीं किया गया।

