PM और गृहमंत्री के निर्देश पर DGP की बड़ी पहल, नशे पर सख्ती

भोपाल।  पुलिस मुख्यालय भोपाल के कॉन्फ्रेंस रूम में पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाना की अध्यक्षता में एक उच्च स्तरीय बैठक संपन्न हुई है. इस बैठक का मुख्य उद्देश्य प्रदेश में अवैध मादक पदार्थों की समस्या को समूल नष्ट करने के लिए एक 3 वर्षीय विस्तृत कार्य योजना की रूपरेखा तैयार करना था. केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री की अध्यक्षता में अपेक्स समिति की बैठक में दिए गए निर्देशों के अनुक्रम में आयोजित की गई थी।

‘नक्सलवाद को खत्म किया, अब नारकोटिक्स ड्रग्स को भी समाप्त करेंगे‘

बैठक में डीजीपी कैलाश मकवाणा ने कहा कि विगत वर्ष मध्‍यप्रदेश पुलिस ‘नशे से दूरी है जरूरी’ जागरूकता अभियान ने नागरिकों के बीच एक बड़ी जागरूकता बढ़ाई है. उन्होंने कहा कि नवंबर 2025 में आयोजित डीजी-आईजी कॉन्फ्रेंस के दौरान प्रधानमंत्री और केंद्रीय गृहमंत्री द्वारा भी मादक पदार्थों के विरूद्ध जागरूकता और कड़ी कार्रवाई हेतु निर्देश दिए गए थे. डीजीपी ने कहा कि हमने जिस तरह प्रदेश से नक्सलवाद को निर्धारित लक्ष्‍य से चार महीने पहले समाप्त किया है, अब नारकोटिक्स ड्रग्स को भी उसी प्रकार की बड़ी चुनौती मानकर खत्म करना है. उन्होंने स्पष्ट किया कि 09 जनवरी को केंद्रीय गृहमंत्री की बैठक में दिए गए निर्देशों के तहत 1 अप्रैल 2026 से अगले 03 वर्षों तक ‘ड्रग फ्री इंडिया’ के लक्ष्य की प्राप्ति के लिए पूरे देश के साथ मध्य प्रदेश भी संकल्पित होकर काम करेगा. डीजीपी ने माफिया नेटवर्क को ध्वस्त करने की रणनीति, सप्लाई और डिमांड चेन को तोड़ने के लिए मंदसौर, नीमच, रतलाम, भोपाल, इंदौर एवं अन्‍य जिलों के हॉटस्पॉट चिन्‍हित कर पैनी नजर रखने और अन्‍य जिलों में फैल रहे ड्रग्स कारोबार के विरुद्ध ठोस कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए. उन्होंने खेल एवं युवा कल्याण विभाग और सामाजिक संस्थाओं के सहयोग से एक सुदृढ़ रोडमैप तैयार करने और शैक्षणिक संस्थाओं के पास नशीले पदार्थों की बिक्री पर सख्त रोक लगाने हेतु बताया. उद्योगों में प्रयुक्त होने वाले केमिकल्स की जांच के लिए भी एक पुख्ता सिस्टम विकसित किया जाएगा, ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि रसायनों का उपयोग केवल स्वीकृत कार्यों के लिए ही हो रहा है।

कार्य योजना के मुख्य स्तंभ और रणनीति

इस 3 वर्षीय योजना का प्राथमिक लक्ष्य सप्लाई चेन (आपूर्ति) को तोड़ना, मांग में कमी लाना, दोषियों की सजा दर बढ़ाना और अंततः एक नशामुक्त समाज की स्थापना करना है. इसके लिए पुलिस विभाग ‘सप्लाई रिडक्शन’, ‘डिमांड रिडक्शन’, ‘हार्म रिडक्शन’ और अन्य विभागों के साथ ‘कोऑर्डिनेशन’ (समन्वय) की चतुर्मुखी रणनीति पर कार्य करेगा।

नारकोटिक्स विंग की उपलब्धियां और डेटा (वर्ष 2025)

बैठक में पिछले वर्षों के तुलनात्मक डेटा के माध्यम से पुलिस की कार्रवाई की समीक्षा की गई।

पंजीबद्ध प्रकरण: वर्ष 2025 में एनडीपीएस एक्ट के तहत कुल 4,116 प्रकरण दर्ज किए गए।

गिरफ्तारियां: नशीले पदार्थों की तस्करी में संलिप्त कुल 5,275 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया।

जप्ती विवरण: वर्ष 2025 में कुल 64,615 किलोग्राम मादक पदार्थ जप्त किए गए, जिनमें स्मैक, अफीम, गांजा, चरस और डोडाचूरा प्रमुख हैं।

नारकोटिक्स विंग ने वर्ष 2025 में नीमच में अवैध रूप से संचालित क्लैंडस्टाइन लैब्स पर छापा मारकर करोड़ों रुपये की एमडी ड्रग्स जप्त की(एक मामले में 30 करोड़ और दूसरे में ₹3.34 करोड़ की जप्ती शामिल है). इसके अतिरिक्त, इंदौर में एक अफ्रीकी युवती से 31 ग्राम कोकीन (मूल्य ₹15.50 लाख) भी बरामद की गई।

मादक पदार्थों का विनष्टीकरण: वर्ष 2025 में कुल 1,44,025 किलोग्राम जप्तशुदा ड्रग्स का विनिष्टीकरण किया गया, जिसका अनुमानित बाजार मूल्य 347 करोड़ रुपये था।

संपत्ति कुर्की: ड्रग तस्करों की आर्थिक कमर तोड़ने के लिए वर्ष 2025 में 54 कार्यवाहियों में 301.41 करोड़ रुपये की संपत्ति ‘सफेमा’ एक्ट के तहत कुर्क की गई, जिसमें मंदसौर और नीमच जिले अग्रणी रहे।

निवारक निरोध: आदतन अपराधियों के विरुद्ध वर्ष 2025 में इंदौर, रतलाम और नीमच जैसे जिलों में प्रभावी कार्रवाई की गई।

निदान पोर्टल: प्रदेश के 33,153 अपराधियों का डेटा ‘निदान पोर्टल’ पर उपलब्ध कराया गया है, ताकि उनकी गतिविधियों पर पैनी नजर रखी जा सके. यह पोर्टल 2022 में विकसित किया गया था।

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