राज्य में पानी चोरों की खैर नहीं, 2 साल की सजा और 2 लाख का जुर्माना

अहमदाबाद | गुजरात में अब नहरों से पानी चुराने वालों की खैर नहीं है| गुजरात सरकार ने ऐसे पानी माफियाओं से निपटने के लिए जुर्माना और सजा बढ़ाने का प्रावधान किया है| नहर से पानी चोरी करने पर जुर्माने की रकम रु. 10000 से रु. 200000 की गई है| नहर में छेड़ करने, नहर की मजबूती या सुरक्षा को नुकसान पहुंचाने के प्रयास पर दो लाख रुपए का जुर्माना और 2 साल की सजा का प्रावधान किया गया है| साथ ही नहर से अनधिकृत रूप से पानी खींचने के मामलों में इंजन, पाइप लाइन या पानी खींचने के अन्य साधनों को जब्त लिया जाएगा| मंजूरी से ज्यादा पानी खींचने या अनधिकृत रूप से पानी लेने व्यक्ति को तीन महीने तक की सजा और रु. 10000 का जुर्माना होगा| नहर के पानी को प्रदूषित करने, प्रवाही या घन कचड़ा डालने पर एक साल की कैद और पचास हजार रुपए के जुर्माने का प्रावधान किया गया है| नहर में पशुओं को ले जानेवाले को तीन महीने की सजा या दस हजार रुपए का जुर्माना होगा| पहले नहर को नुकसान पहुंचाने के मामलों में तीन से छह महीने की कैद और पांच से दस हजार रुपए के जुर्माने का प्रावधान था| जिसमें अब वृद्धि कर सजा और जुर्माने की रकम बढ़ा दी गई है|
