राजस्थान: BJP नेता ने किया दावा, ‘कांग्रेस में आपस में ही मनमुटाव चल रहा है’

जयपुर: राजस्थान सरकार ने विधानसभा में लोक निर्माण और ग्रामीण विकास विभाग की अनुदान मांगे पारित करा दी, लेकिन राजनीतिक गलियारों में तो गूंज कर्नाटक के घटनाक्रम की ही ज्यादा सुनाई दे रही है. सदन में अनुदान मांगें पारित होने के बाद राजनीतिक बयानबाजी का जो दौर चला उसे लगता है कि आने वाले दिनों में बीजेपी भी सत्ताधारी पार्टी में आपसी प्रतिस्पर्द्धा को लेकर एक बार फिर सरकार को घेरने की कोशिश करेगी.
विधानसभा में जिस वक्त लोक निर्माण और ग्रामीण विकास विभाग की अनुदान मांगों पर चर्चा चल रही थी उस वक्त प्रदेश से तकरीबन 2000 किलोमीटर दूर कर्नाटक की विधानसभा में भी बड़ी हलचल थी. विश्वास मत हासिल नहीं कर पाने के चलते कांग्रेस-जेडीएस सरकार ने इस्तीफा दे दिया और इस इस्तीफे की गूंज राजस्थान के राजनीतिक गलियारों में भी सुनाई दी. राजस्थान विधानसभा में अनुदान की मांगें पारित होने के बाद प्रतिपक्ष के उपनेता राजेंद्र राठौड़ ने सत्ताधारी पार्टी में चल रही आपसी प्रतिस्पर्धा पर सवाल उठाए. उन्होंने कहा कि कर्नाटक में जो बेईमान गठबंधन हुआ था उसका अंत हो गया और इस घटनाक्रम का असर आने वाले दिनों में देश के दूसरे हिस्सों में भी दिखाई दे सकता है.
रही सही कसर नेता प्रतिपक्ष गुलाबचंद कटारिया के बयान ने कर दी. कटारिया ने कहा कि उप मुख्यमंत्री सचिन पायलट ने अपने जवाब में एक बार भी सदन के नेता होने के बावजूद मुख्यमंत्री का नाम नहीं लिया ऐसे में साफ लगता है कि कांग्रेस में ही आपस में मनमुटाव चल रहा है. कटारिया ने कहा कि कर्नाटक के बाद इस घटनाक्रम का असर मध्यप्रदेश और राजस्थान पर भी हो सकता है. हालांकि, उन्होंने इतना जरूर कहा कि बीजेपी ने कांग्रेस के किसी भी विधायक से संपर्क नहीं किया है और ना ही उन्हें इसकी जरूरत है. कटारिया ने कहा कि वे अपनी मौत खुद ही मर जाएंगे.
कर्नाटक में हुए घटनाक्रम के बाद अन्य राज्यों में इसके दूरगामी असर की संभावना बीजेपी के नेता जता रहे हैं. लेकिन सरकार के मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास ऐसी तमाम अटकलों को खारिज करते हैं. खाचरियावास ने कहा कि राजस्थान में सरकार पूरी तरह सुरक्षित और एकजुट है. उन्होंने कहा कि बीजेपी को सिर्फ सत्ता दिखती है इसलिए ये लोग नेताओं में मनमुटाव की बातें कर रहे हैं. खाचरियावास ने कहा कि राजस्थान में बीजेपी पहले खुद अपना घर संभाल ले.
अब तक राजेंद्र राठौड़, वासुदेव देवनानी और बीजेपी के दूसरे नेता प्रदेश में कांग्रेस की सरकार पर खतरे की आशंका जताते रहे हैं, लेकिन यह पहला मौका था जब विधानसभा परिसर में मीडिया से बात करते हुए कटारिया ने इस बात की आशंका जताई. अब अगर मध्य प्रदेश में सरकार पर कोई संकट आता है तो आने वाले दिनों में राजस्थान में भी सरकार बचाने के लिए कांग्रेस और सरकार दोनों को ज्यादा सचेत रहना होगा.
