साध्वी प्रेम बाईसा की जोधपुर में संदिग्ध परिस्थितियों में मौत
जोधपुर|राजस्थान की साध्वी और प्रसिद्ध कथा वाचक प्रेम बाई सा का संदिग्ध परिस्थितियों में बुधवार की शाम जोधपुर के एक निजी अस्पताल में निधन हो गया। विभिन्न मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार उन्होंने शहर के प्रेक्षा अस्पताल में शाम करीब सवा पांच बजे अंतिम सांस ली। उनकी मौत के करीब 6 घंटे बाद उनके फेसबुक अकाउंट पर बताया गया कि गलत इंजेक्शन की वजह से उनकी जान चली गई। जबकि इससे पहले इंस्टाग्राम पर की गई एक पोस्ट में उन्होंने अगले जन्म में न्याय मिलने की बात कही थी। हालांकि दोनों ही पोस्ट उनकी मौत के कई घंटों बाद की गईं। जिससे उनकी मौत को लेकर लोगों के मन में कई तरह के संदेह भी पैदा हो गए, जिसके बाद नागौर सीट से सांसद हनुमान बेनीवाल ने इस मामले में उच्च स्तरीय जांच की मांग की है। इस बारे में उन्होंने एक सोशल मीडिया पोस्ट करते हुए राज्य के मुख्यमंत्री और राज्य पुलिस के डीजीपी को साध्वी प्रेम बाईसा की मौत की जानकारी दी और उनसे इस बारे में जांच की मांग की।
बेनीवाल ने की उच्चस्तरीय जांच की मांग
अपनी सोशल मीडिया पोस्ट में उन्होंने लिखा, ‘मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा जी व राजस्थान पुलिस के DGP संज्ञान लेवें, जोधपुर स्थित एक अस्पताल में साध्वी प्रेम बाईसा की संदिग्ध परिस्थितियों में मृत्यु हो जाने के समाचार अत्यंत दुःखद है, इस मामले की उच्च स्तरीय जांच करवाई जाए। ईश्वर से प्रार्थना है कि दिवंगत पुण्यात्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान प्रदान करें और शोकाकुल परिवार जनों व उनमें आस्था रखने वालों को यह दुःख सहन करने की शक्ति दें। ॐ शांति।’बता दें कि प्रेम बाईसा की मौत को लेकर सवाल इसलिए भी उठ रहे हैं कि एक तरफ जहां उनकी मौत का समय शाम सवा 5 बजे बताया जा रहा है, वहीं दूसरी तरफ उनके फेसबुक और इंस्टाग्राम अकाउंट उनकी मौत को कई घंटे बाद भी एक्टिव थे और इस दौरान इन दोनों अकाउंट्स से दो अलग-अलग पोस्ट्स भी की गईं। जिनमें से इंस्टाग्राम पर की गई पोस्ट को पढ़कर ऐसा लग रहा है जैसे साध्वी ने खुदकुशी की हो, वहीं फेसबुक पर की गई पोस्ट में बताया गया कि उनकी मौत इंजेक्शन के साइड इफेक्ट की वजह से हुई है।
साध्वी प्रेम बाईसा की जोधपुर में संदिग्ध परस्थितियों में मौत, हनुमान बेनीवाल ने की उच्च स्तरीय जांच की मांग
इंस्टाग्राम पर की गई पोस्ट में अग्निपरीक्षा का जिक्र
साध्वी की मौत के करीब चार घंटे बाद इंस्टाग्राम पर रात करीब साढ़े नौ बजे की गई पोस्ट में ऐसा कुछ लिखा गया, जिसे पढ़कर लग रहा है मानो साध्वी ने खुदकुशी की हो। इसमें साध्वी की तरफ से अग्नि परीक्षा देने और मरने के बाद न्याय मिलने जैसी बातें कही गईं। इस पोस्ट में लिखा गया, 'पूज्य सभी संतों को प्रणाम। मैंने हर एक क्षण सनातन प्रचार के लिए जिया। दुनिया में सनातन धर्म से बड़ा कोई धर्म से नहीं है। आज अंतिम श्वास तक मेरे दिल में सनातन ही है। मेरा सौभाग्य है कि मैंने सनातन धर्म में जन्म लिया। और अंतिम श्वास भी सनातन के लिए ली, मेरे जीवन में आदि जगतगुरु शंकराचार्य भगवान, विश्व योग गुरुओं व पूज्य संत महात्माओं का हर पल आशीर्वाद रहा। मैंने आदि गुरू शंकराचार्य और देश के कई महान संत महात्माओं को लिखित पत्र लिखा, अग्नि परीक्षा के लिए निवेदन किया, लेकिन प्रकृति को क्या मंजूर था? मैं इस दुनिया से हमेशा के लिए अलविदा, लेकिन ईश्वर और पूज्य संत महात्माओं पर पूर्ण भरोसा है, मेरे जीते जी नहीं तो जाने के बाद तो न्याय मिलेगा।'
फेसबुक पोस्ट में बताया- गलत इंजेक्शन से हुई मौत
वहीं फेसबुक पर रात करीब साढ़े 11 बजे की गई पोस्ट में बताया गया कि बाल साध्वी प्रेम बाई सा को शाम 5.15 बजे निज़ी क्लिनिक द्वारा गलत इंजेक्शन लगाने की वजह से एक मिनट में उनकी तबियत बिगड़ी और अचानक उनकी मौत हो गई। साथ ही इस पोस्ट में लिखा गया कि उनके अंतिम बोल थे, सभी हरी भक्त साधना कुटी आश्रम जोधपुर पधारें। साध्वी प्रेम बाईसा पिछले साल उस वक्त विवादों में आ गई थीं, जब उनका एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। हालांकि उन्होंने इस वीडियो को गलत तरीके से प्रस्तुत करने की बात कही थी।बता दें कि साध्वी प्रेम बाईसा एक प्रसिद्ध आध्यात्मिक गुरु और भक्ति गायिका थीं, जिनका जन्म राजस्थान के बालोतरा जिले में हुआ था। उनके पिता का नाम विरमनाथ है, और उनकी माता अमरु बाई था, जिनका निधन कई सालों पहले हो गया था। वह जाट जाति के परेऊ गांव की निवासी थीं और उनका पालन-पोषण एक धार्मिक और सांस्कृतिक रूप से समृद्ध परिवार में हुआ था।
