फरीदाबाद: नीलम पुल की नींव कमजोर, FMDA ने स्ट्रीट लाइट लगाने से किया इंकार

 फरीदाबाद|फरीदाबाद शहर के व्यस्ततम नीलम पुल की नींव कमजोर पाए जाने के बाद फरीदाबाद महानगर विकास प्राधिकरण ने स्ट्रीट लाइटें लगाने की योजना रोक दी है। फिलहाल यहां लगाई जाने के लिए आई लाइटों को सेक्टर-16 में लगा दिया गया। वहीं, पुल पर लाइटें लगाने की जिम्मेदारी नगर निगम को सौंप दी गई है।गौरतलब है कि नीलम रेलवे पुल शहर का सबसे पुराना पुल है। इसे वर्ष 1978 में बनाया गया था। फरीदाबाद महानगर विकास प्राधिकरण (एफएमएडीए) की ओर से दो साल पहले नीलम और बड़खल रेलवे पुल पर नई स्ट्रीट लाइटें लगाने की योजना तैयार की गई थी। इसके लिए ठेकेदार को काम भी सौंप दिया गया था। बड़खल पर तो लाइटें लगा दी गईं, लेकिन नीलम पुल पर अब तक नहीं लगीं। सूत्रों के अनुसार नई लाइटों की ऊंचाई करीब 18 फुट और उनका भार मौजूदा लाइटों से अधिक हैं।

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बेस स्ट्रक्चर पर अतिरिक्त भार डालना सुरक्षित नहीं

तकनीकी टीम की रिपोर्ट में बताया गया कि मौजूदा बेस स्ट्रक्चर पर अतिरिक्त भार डालना सुरक्षित नहीं होगा। इसी कारण नीलम पुल के लिए लाई गई लाइटों को सेक्टर-16 क्षेत्र में स्थापित कर दिया गया है। नीलम पुल पर रोशनी की व्यवस्था की जिम्मेदारी नगर निगम को सौंप दी गई है। निगम अधिकारियों का कहना है कि वैकल्पिक तकनीकी समाधान तलाशे जा रहे हैं, ताकि बिना संरचना को नुकसान पहुंचाए पुल पर पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था की जा सके।

रात में दुर्घटनाओं की आशंका

स्थानीय लोगों और वाहन चालकों ने पुल पर अंधेरे को लेकर चिंता जताई है। वाहनों चालकों ने कहा कि रात के समय यहां दुर्घटनाओं की आशंका बढ़ जाती है, खासकर बारिश या कोहरे के दौरान दृश्यता और भी कम हो जाती है। लोगों ने प्रशासन से जल्द से जल्द स्थायी समाधान निकालने की मांग की है।

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पुल के पिलरों में लगी थी आग

वर्ष 2021 में 22 अक्टूबर को औद्योगिक नगरी के प्रवेश द्वार कहे जाने वाले नेशनल हाईवे से जुड़े नीलम पुल के नीचे कबाड़ के ढेर में आग लग गई थी। आग के कारण चार पिलर्स क्षतिग्रस्त हो गए थे। इससे करीब चार महीने तक पुल की एक साइड बंद रही थी। लंबे समय बाद पिलर्स मरम्मत का काम पूरा किया गया। नए बेयरिग डाले गए थे।एनके कटारा, पूर्व मुख्य अभियंता, नगर निगम, ''पुल की नींव को कमजोर बताने की दलील एफएमडीए की बिल्कुल गलत है। एक पुल 100 साल चल जाता है। यदि प्राधिकरण को बुनियाद कमजोर लग रही है तो एक्सपर्ट की राय लेकर हल्की लाइटें लगवाए। जिम्मेदारी से न बचे। एफएमडीए की प्रवक्ता नेहा बिग से फोन पर संपर्क किया गया, मैसेज डाल कर जानकारी मांगी गई। लेकिन उनका पक्ष नहीं मिल पाया।''

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