अब तक सामान्य से कम बारिश, मानसून फिर सक्रिय

भोपाल । मध्यप्रदेश में कम बारिश से सूखे के आसार बन रहे हैं। प्रदेश के 18 जिलों में ऐसी स्थिति बन रही है। इन जिलों में सामान्य से कई गुना कम बारिश दर्ज की गई है। हालांकि, गुरुवार से प्रदेश में मानसून फिर एक बार सक्रिय हो गया है। इसके अगले दो दिनों तक बने रहने के आसार है।
जानकारी के अनुसार, प्रदेश में सामान्य बारिश की स्थिति मानी जा रही हैं। लेकिन, 18 जिलों में बारिश सामान्य से कहीं कम आंकी गई है। इससे यहां सूखा पडऩे के आसार बन गए हैं। प्रदेश के कई क्षेत्रों में फसलों के पीले पडऩे की भी खबरें हैं। इसके अलावा प्रदेश के 25 जिलों में सामान्य वर्षा रिकॉर्ड की गई हैं। बावजूद इसके प्रदेश में गर्मी और उमस से राहत नहीं मिल रही है। सामान्य बारिश वाले जिलों में उज्जैन, भिंड, दमोह, बड़वानी, खंडवा, धार, ग्वालियर, शाजापुर, दतिया, शिवपुरी, अलीराजपुर, जबलपुर, रायसेन, मंडला, राजगढ़, डिंडौरी, सतना, रीवा, सिंगरौली, नरसिंहपुर, सीहोर, बुरहानपुर, भोपाल, खरगोन एवं आगर-मालवा सामान्य बारिश मापी गई है।
7 जिलों में सामान्य से अधिक वर्षा
मध्यप्रदेश के सात जिलों में सामान्य से अधिक वर्षा रिकॉर्ड की गई है। मौसम विभाग के अनुसार, सर्वाधिक बारिश रतलाम में 538.7 मिली दर्ज की गई है, जो सामान्य से 232.4 मिमी अधिक है। रतलाम, नीमच, झाबुआ, मुरैना, इंदौर, उमरिया एवं मंदसौर जिलों में सामान्य से अधिक बारिश दर्ज की गई।
इन जिलों में बारिश की संभावना
मध्यप्रदेश में एक बार फिर मानसून सक्रिय हो गया है। मौसम विभाग के अनुसार, मानसून द्रोणिका का पश्चिमी छोर अपनी सामान्य स्थिति से दक्षिण में है, जबकि पूर्वी छोर अपनी सामान्य स्थिति के उत्तर से होकर गुजर रहा है। इस द्रोणिका के 25 जुलाई से धीरे-धीरे दक्षिण की ओर शिफ्ट होने एवं और अधिक शक्तिशाली होने की बहुत संभावना है। आगामी 24 घंटों के दौरान प्रदेश में श्योपुरकलां, मुरैना, भिंड, ग्वालियर, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, दमोह, पन्ना, सतना, रीवा, सिंगरौली, उमरिया, शहडोल, सीधी नरसिंहपुर, सागर में बारिश की संभावना है। 27 जुलाई तक उत्तरी मैदानी इलाकों और मध्य प्रदेश सहित पूरे मध्य भारत में बारिश की संभावना बढ़ गई है।
बड़े तालाब का लेवल सबसे कम
राजधानी भोपाल का बड़ा तालाब अभी भी सूखा पड़ा हुआ है। वहीं, मौसम विभाग का दावा है कि भोपाल जिले में सामान्य से अधिक वर्षा रिकॉर्ड की गई है। अभी बड़े तालाब का जल स्तर 1652.35 फीट ही है। यह फुल टैंक लेवल 1666.80 से 14.45 फीट कम और डेड स्टोरेज लेवल 1652.00 फीट के करीब पहुंच गया है। इससे पहले 2009 में भी ऐसी ही स्थिति थी।
यहां हुई बारिश
श्योपुर 75
दतिया 70
भिंड 70
अनूपपुर 65
उमरिया 65
टीकमगढ़ 60
सिंगरौली 59
छतरपुर 58
मंडला 54
अशोकनगर 53
ग्वालियर 49
दमोह 45
कटनी 41
इंदौर 37
बड़वानी 35
सागर 31
नरसिंहपुर 30
रायसेन 26
(आंकड़े मिमी में)
