पानी-पानी हुआ कल्याण-डोंबिवली

कल्याण। 26 जुलाई 2005 की ही तरह 2019 की २६ जुलाई की मध्यरात्रि से ही यानि 14 साल बाद फिर एक बार मुंबई से सटे कल्याण-डोंबिवली मनपा क्षेत्र के साथ ही आसपास के शहरों-एवं ग्रामीण भागों में बाढ़ का खौफनाक मंजर दिखाई दिया। मूसलाधार बारिश की वजह से कल्याण सहित ग्रामीण भाग में जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ। बाढ़ की खौफनाक मंजर से पानी में फंसे करीब 750 लोगों को बचावदल द्वारा सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया, तबेलों से निकालकर भैसों आदि जानवरों को सुरक्षित जगह ले जाया गया. कल्याण-पुणे लिंक रोड पर कोलसेवाड़ी पुलिस स्टेशन से पहले विठ्ठलवाड़ी श्मशान भूमि सड़क पर कई फुट पानी भरने से रास्ता बंद कर दिया गया जिससे कल्याण-उल्हासनगर का संपर्क टूट गया साथ कल्याण पश्चिम योगीधाम के पास सड़क पर पानी भरने से मुरबाड पर आवागमन बंद कर दिया गया. कल्याण रेलवे स्टेशन व आसपास पानी भर गया है।
कल्याण के विनायक कालोनी, खडेगोलवाली, विठ्ठलवाड़ी, आडिवली-धोकेली, कांबागांव,गोविंदवाडी, योगीधाम, वालधुनी, एपीएमसी बाजार,फूल बाजार, पत्रीपुल, शिवाजीनगर, चिंचपाड़ा गैस कंपनी, शहाड़, और टिटवाला आदि क्षेत्र में पानी भर गया था। सबसे बुरा हाल कांबागांव और शिवाजी नगर का है। यहां करीब 5 से 6 फिट पानी भर गया जिससे लोगों के जान पर बन आई,और लोगों को रेस्क्यू कर बाहर निकाला गया। गोविंदवाड़ी में जनमानस के अलावा सैकड़ो भैंस को रेस्क्यू कर सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया गया। गौरतलब हो कि 14 साल पहले 26 जुलाई 2005 को भयंकर बाढ़ आई थी। उस समय 375.2 मिमी बारिश रिकार्ड की गई थी,जिसमें कल्याण और आसपास को मिलाकर 260 लोगों की जान गई थी। इस साल किसी जान-माल के खतरे की खबर नहीं आई है, लेकिन तबाही का मंजर जरूर देखने को मिला। शनिवार सुबह लोकल गाड़ियां बाधित रही और कांबागांव में पानी भरने के कारण सड़क मार्ग बंद रहा। इस खौफनाक मंजर को देखने के लिए कल्याण पश्चिम के विधायक नरेंद्र पवार भी सड़क पर उतरे और 4 से 5 फिट पानी में उतरकर जगह-जगह क्षेत्र का दौरा किया। वहीं भाजपा के कल्याण पश्चिम के शहर अध्यक्ष संदीप सिंह अपनी टीम के साथ बाढ़ से प्रभावितों को राहत पहुंचाने में जुटे रहे। कल्याण के मनपा आयुक्त गोविन्द बोड़के शहाड़ का दौरा कर कांबा जाने के लिए निकले लेकिन परिस्थिति भयावह होने के कारण वापस लौटना पड़ा। कल्याण मनपा के आयुक्त गोविन्द बोड़के ने कहा कि 700 से अधिक लोगों को रेस्क्यू किया गया है। उन्होंने कहा कि अभी तक कोई जनहानि नहीं हुई है। हमने भी कई क्षेत्रों का दौरा किया हमारे अधिकारी कर्मचारी हर संभव सहायता के लिए लगे हुए हैं।
– गौशाला में भरा पानी
बापगांव के पास चौधरपाड़ा में बाढ़ जैसी परिस्थिति देखी गई। श्रीलीला पुरुषोत्तम गौशाला के संचालक ओमकार देवड़ाजी ने खुद फोन कर गौशाला की हाल बयां की। यहां करीब ढाई सौ गायें हैं जिनके जानमाल को खतरा बना हुआ है।गौशाला में 6 से 7 फिट पानी भरा हुआ था, जिससे गौशाले का सामान और चारा तहस-नहस हो गया। बाढ़ की स्थिति को देखकर बछड़ों को भगवान के मंदिर में सुरक्षित पहुचाया गया। यहां शासन-प्रशासन का कोई भी आदमी सहायता के लिए नहीं पहुंचा, जिसके कारण लोगों में नाराजगी बनी हुई है। कल्याण के गोविंदवाड़ी में तबेलों के अंदर 6 से 7 फिट पानी भरने के कारण भैंसों को तबेले से निकालकर सड़क पर सुरक्षित पहुंचाया गया।
