गुजरात में छात्रावास और शिक्षण संस्थानों को मिलेगा PNG कनेक्शन, सरकार ने जारी किए निर्देश

गुजरात | पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के बीच वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति पर पड़ते दबाव को देखते हुए गुजरात सरकार ने एक बड़ा और महत्वपूर्ण फैसला लिया है. मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल की अध्यक्षता में शुक्रवार को हुई उच्च स्तरीय बैठक में निर्णय लिया गया कि राज्य के जिन क्षेत्रों में पाइपलाइन वितरण नेटवर्क उपलब्ध है वहां होटल, रेस्तरां, शैक्षणिक एवं सामाजिक-धार्मिक संस्थानों को आवेदन करने पर तत्काल प्रभाव से पीएनजी यानी पाइप्ड नेचुरल गैस का कनेक्शन दिया जाएगा|
उच्च स्तरीय बैठक में हुई राज्य की ऊर्जा स्थिति की समीक्षा
CM भूपेंद्र पटेल की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के मद्देनजर राज्य में पीएनजी और पेट्रोलियम उत्पादों की मौजूदा स्थिति की विस्तृत समीक्षा की गई. सरकार की ओर से जारी आधिकारिक विज्ञप्ति में कहा गया कि जिन क्षेत्रों में शहरी गैस वितरण के लिए पाइपलाइन नेटवर्क मौजूद है वहां संस्थानों को नए पीएनजी कनेक्शन की आवश्यकताओं के अनुसार तत्काल प्रभाव से सुविधा दी जाएगी. इसके लिए संस्थानों को आवेदन करना होगा |
घरेलू उपभोक्ताओं के लिए पर्याप्त गैस उपलब्ध – सरकार
बैठक में यह भी जानकारी दी गई कि पाइपलाइन के माध्यम से घरेलू उपयोग के लिए गैस प्राप्त करने वाले नागरिकों के लिए राज्य में रसोई गैस की पर्याप्त मात्रा उपलब्ध है. सरकार ने गुरुवार को भी स्पष्ट किया था कि पश्चिम एशिया में बदलती भू-राजनीतिक स्थिति के बावजूद राज्य में घरेलू खपत के लिए एलपीजी और पीएनजी का पर्याप्त भंडार मौजूद है|
पश्चिम एशिया संघर्ष से वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति प्रभावित
गौरतलब है कि भारत अपने ऊर्जा उत्पादों का एक बड़ा हिस्सा पश्चिम एशिया से आयात करता है. इजरायल, अमेरिका और ईरान के बीच जारी संघर्ष ने वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति श्रृंखला को बुरी तरह प्रभावित किया है. इसी के मद्देनजर गुजरात सरकार ने व्यावसायिक और सामाजिक संस्थानों को एलपीजी सिलेंडर पर निर्भरता कम करने और पाइपलाइन गैस का उपयोग बढ़ाने का विकल्प देने का फैसला किया है ताकि एलपीजी की उपलब्धता घरेलू उपभोक्ताओं के लिए सुनिश्चित रहे|
