Vishnu Deo Sai ने शुभारंभ किया ‘गौधाम योजना’, CM बोले – ग्रामीण अर्थव्यवस्था मजबूत होगी

बिलासपुर। छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में स्थित गुरु घासीदास केंद्रीय विश्वविद्यालय में शनिवार (14 मार्च) को पशुपालक सम्मेलन का आयोजन किया गया. इस कार्यक्रम में सीएम विष्णुदेव साय ने ‘गौधाम योजना’ का शुभारंभ किया. मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि गाय को हम सभी माता मानते हैं. पूजा की जाती है. गाय का मल-मूत्र तक उपयोगी है. गाय से मिलने वाले पंचगव्य का पान करने से मनुष्य धन्य हो जाता है। 

पिछली सरकार पर साधा निशाना

सीएम साय ने संबोधन के दौरान पिछली सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि आप सभी जानते हैं कि किस तरह पिछली सरकार में गायों और गोठानों को लेकर शासन के पैसे का दुरुपयोग हुआ और बंदरबांट किया गया. उन्होंने आगे कहा कि हमने गोठानों का निरीक्षण भी किया था. अधिकांश गोठानों में गाय तो छोड़ों, उनका चित्र भी नहीं था. यहां तक की गोबर भी नहीं था. वर्मी खाद की बात करते थे. जब वहां बिजली और पानी नहीं था तो खाद कैसे बनती. पिछली सरकार को गौमाता की आह लगी है और वे अपनी जगह पहुंच गए हैं। 

सीएम ने सोशल मीडिया पर पोस्ट किया

सोशल मीडिया साइट एक्स पर पोस्ट करके सीएम विष्णुदेव साय ने लिखा कि आज बिलासपुर जिले के लाखासार में गौमाता की विधिवत पूजा-अर्चना कर गौधाम योजना का शुभारंभ किया. हमारी सनातन परंपरा में गौमाता आस्था, समृद्धि और लोककल्याण की प्रतीक रही हैं. उन्होंने आगे लिखा कि मेरा विश्वास है कि गौसंरक्षण केवल श्रद्धा का विषय नहीं, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था, कृषि समृद्धि और पर्यावरण संतुलन का भी मजबूत आधार है. गौधाम योजना के माध्यम से बेसहारा गौवंश को सुरक्षित आश्रय मिलेगा और पशुपालकों को भी नई संभावनाएं मिलेंगी. हमारा संकल्प है कि गौसेवा के साथ-साथ गांवों की समृद्धि और गोधन संरक्षण को नई दिशा मिले। 

क्या गौधाम योजना?

  • गौधाम योजना छत्तीसगढ़ सरकार की महत्वाकांक्षी योजना है। 
  • इस योजना की मदद से बेसहारा, निराश्रित और घुमंतु गौवंशों को संरक्षण दिया जाएगा। 
  • गौधाम योजना से सड़कों और हाईवे पर अवारा घूमने वाले गौवंश और गायों को आश्रय दिया जाएगा. जिससे दुर्घटनाओं में कमी आएगी। 
  • पूरे राज्य में 1460 गौधाम स्थापित करने का लक्ष्य रखा गया है। 
  • वर्तमान में 36 गौधामों को मंजूरी मिली है. हर विकासखंड में 10 गौधाम स्थापित करने की योजना है। 
  • सरकार इन गौधामों को शेड, फेंसिंग, बिजली, पानी जैसे जरूरी सुविधाएं उपलब्ध करवाएगी। 
  • इन गौधाम का संचालन गौशाला समितियां, NGOs, ट्रस्ट, फार्मर प्रोड्यूसर कंपनी आदि कर सकती हैं। 
  • गौवंश के आहार के लिए पहले साल 10 रुपये प्रति पशु, दूसरे साल 20 रुपये प्रति पशु और तीसरे साल 30 रुपये प्रति पशु और चौथे साल 35 रुपये प्रति पशु आर्थिक सहायता दी जाएगी। 
  • गौधाम योजना के तहत चरवाहों और गौसेवकों के लिए मानदेय प्रावधान किया गया है, जो क्रमश: प्रति महीने 10916 और 13126 होगा। 

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