पुलिस ने कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल को रोका, डॉ. केबी त्रिपाठी को किया नजरबंद

बरेली। बदायूं के सैंजनी गांव स्थित हिंदुस्तान पेट्रोलियम के प्लांट में दो अफसरों की सनसनीखेज हत्या के मामले में वस्तुस्थिति जानने पूरनपुर जा रहे कांग्रेस के उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल को पुलिस ने बीच में ही रोक दिया। उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष अजय राय के निर्देश पर गठित इस दल में शामिल वरिष्ठ नेताओं को प्रशासन ने उनके आवासों पर ही नजरबंद कर दिया। बरेली में उत्तर प्रदेश कांग्रेस के प्रदेश प्रवक्ता और पूर्व महापौर प्रत्याशी डॉ. केबी त्रिपाठी के निवास पर सुबह ही पुलिस बल पहुंच गया और उन्हें हाउस अरेस्ट कर लिया गया। इस कार्रवाई पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए डॉ. केबी त्रिपाठी ने प्रदेश की कानून व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में हत्या, लूट और बलात्कार जैसी वारदात आम हो गई हैं और अपराधी बेखौफ घूम रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि मृतक हर्षित मिश्रा ने पहले ही अपनी जान को खतरा होने की आशंका जताई थी, लेकिन पुलिस ने इसे गंभीरता से नहीं लिया। केबी त्रिपाठी ने सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि विपक्ष को पीड़ित परिवार से मिलने से रोकना अलोकतांत्रिक है और यह सरकार की विफलता को दर्शाता है।
हत्याकांड की निष्पक्ष जांच की मांग
कांग्रेस नेताओं ने इस पूरे हत्याकांड की निष्पक्ष जांच और पीड़ित परिवार के लिए उचित मुआवजे की मांग की है। डॉ. त्रिपाठी ने दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग करते हुए राष्ट्रपति से उत्तर प्रदेश सरकार को बर्खास्त करने की अपील भी की। इस प्रतिनिधिमंडल में पूर्व विधायक संजय कपूर, धीरेंद्र प्रसाद, पीलीभीत जिलाध्यक्ष हरजीत सिंह चब्बा आदि को जिन्हें पुलिस ने उनके संबंधित क्षेत्रों में ही रोक लिया। जिला उपाध्यक्ष एवं मीडिया प्रभारी जिया उर रहमान ने बताया कि पुलिस के इस कृत्य की पूरी पार्टी कड़े शब्दों में निंदा करती है।
