पोटा केबिन में नाबालिग छात्राओं की गर्भावस्था पर भूपेश बघेल का संज्ञान

बीजापुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा में एक गंभीर मुद्दे पर सियासी घमासान देखने मिला.बीजापुर जिले के गंगालूर स्थित पोटा केबिन में तीन नाबालिग छात्राओं के गर्भवती होने का मामला शून्यकाल के दौरान जोरदार तरीके से उठा. विपक्ष ने इस मामले पर स्थगन प्रस्ताव लाकर चर्चा की मांग की, लेकिन मंत्री के जवाब से असंतुष्ट विपक्ष ने सदन से बहिष्कार कर दिया।
भूपेश बघेल ने उठाया पोटा केबिन में 3 नाबालिग छात्राओं के गर्भवती होने का मामला
छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले के गंगालूर स्थित पोटा केबिन में तीन नाबालिग छात्राओं के गर्भवती होने का मामला सामने आया है.इस मामले ने प्रदेश की राजनीति को गरमा दिया है. विधानसभा में शून्यकाल के दौरान विपक्ष ने इस मुद्दे को उठाते हुए सरकार को घेरने की कोशिश की. विपक्ष ने आरोप लगाया कि गंगालूर पोटा केबिन की तीन बच्चियों के गर्भवती होने की घटना बेहद गंभीर है.इस पर सदन में विस्तृत चर्चा होनी चाहिए. उन्होंने इस मामले पर स्थगन प्रस्ताव लाकर चर्चा कराने की मांग की. मगर स्थगन को अस्वीकार कर दिया गया. पूर्व सीएम भूपेश बघेल ने इस मामले में सरकार पर गंभीर आरोप लगाए. भूपेश बघेल ने कहा कि बीजेपी सरकार दोषियों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं कर रही है. पूरे मामले की लीपापोती कर रही है।
मैं खुद जाकर पोटा कैबिन निरीक्षण करूंगा – गजेंद्र यादव
विपक्ष के स्थगन प्रस्ताव को अस्वीकार कर दिया गया. तब विपक्षी विधायकों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी की. इस मुद्दे पर चर्चा की मांग को लेकर सदन से बहिष्कार कर दिया. पूरे मामले में शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने विपक्ष के आरोपों का पलटवार किया. गजेंद्र यादव ने कहा कि सरकार कोई लीपापोती नहीं कर रही है. ना किसी को बचाने का प्रयास किया जा रहा है. स्थानीय कलेक्टर से इस मामले में बातचीत हुई है. मैं खुद जाकर पोटा कैबिन निरीक्षण करूंगा. दरअसल, छत्तीसगढ़ के बीजापुर में पोटा केबिन की तीन नाबालिग छात्राओं के गर्भवती होने का मामला अब सियासत के केंद्र में आ गया है.अब देखना होगा कि जांच के बाद इस पूरे मामले में क्या सच्चाई सामने आती है. दोषियों पर क्या कार्रवाई होती है।
