सामूहिक खेती की पहल राज्य के अन्य किसानों के लिए प्रेरणादायी होगी: मुख्यमंत्री

गांधीनगर | मुख्यमंत्री विजय रूपाणी राज्य विधानसभा का बजट सत्र पूर्ण होने के दूसरे ही दिन किसानों के प्रति सहज संवेदना प्रगट करते हुए रविवार सुबह गांधीनगर के पास स्थित शिवपुरा कम्पा गांव पहुंचे। गांधीनगर जिले के महुन्द्रा हलीसा, धणप और शिवपुरा कम्पा के 59 किसान परिवारों ने 150 हेक्टेयर क्षेत्र में सामूहिक खेती का अभिनव प्रयोग किया है। यह परिवार 100 फीसदी सूक्ष्म पियत और टपक पद्धति अपनाकर खेती करते हैं। साथ ही, मूंगफली और आलु के साथ ही खारेक (खजूर) की खेती भी करने लगेगी हैं। 
विजय रूपाणी ने इन परिवारों से मुलाकात कर उनके सामूहिक खेती प्रयोग को सराहा। किसान अग्रणी शांतिभाई ने मुख्यमंत्री को जानकारी देते हुए कहा कि मूंगफली- आलु की फसल में वेल्यु एडिशन और शत प्रतिशत कॉंट्रेक्ट फॉर्मिंग से सभी को बहुत लाभ हुआ है। आलु के वेफर्स और अन्य उत्पाद भी वह बेचते हैं। सस्टेनेबल एग्रिकल्चर प्रोजेक्ट के अंतर्गत क्रॉप प्रोटक्शन का पायलट प्रोजेक्ट इन किसानों ने अपनाकर पेस्टिसाइड्ज के खाली कंटेनर्स एकत्र कर उनके पुन: उपयोग के लिए संबंधितों को देने की जो राह दिखलाई है, उससे मुख्यमंत्री काफी प्रभावित हुए।  इस सामूहिक खेत पद्धति का रुचिपूर्वक निरीक्षण करने के बाद मुख्यमंत्री ने किसान परिवारों को प्रेरणा देते हुए कहा कि शिवपुरा कम्पा का यह सामूहिक खेती प्रयोग राज्य के अन्य क्षेत्रों के किसान भी अपनाएं, यह आवश्यक है। यहां शत प्रतिशत सूक्ष्म पियत पद्धति से हो रही खेती के लिए शुभकामनाएं देते हुए किसानों को मुख्यमंत्री ने शुभकामनाएं दी। उन्होंने कहा कि अब वर्षा की अनियमितता के वातावरण में कम पानी में अधिकतम उत्पादन के लिए सूक्ष्म पियत श्रेष्ठ विकल्प है। रूपाणी ने अपने प्रवास के दौरान प्राप्त जानकारियों की चर्चा करते हुए कहा कि इजरायल में पानी की भारी कमी के बीच भी स्प्रिंकलर पद्धति और खारे पानी को मीठा बनाकर उसका पेयजल- सिंचाई में उपयोग करके इजरायल कृषि क्रांति का उद्दीपक बना है। उन्होंने इस पद्धति का विनियोग राज्य के किसानों के व्यापक हित में करने की राज्य सरकार की प्रतिबद्धता जतायी। उन्होंने राज्य में जितने भी डिसेलिनेशन प्लांट खारे पानी को मीठा बनाने के लिए स्थापित हो रहे हैं, उनकी जानकारी दी। 

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