विराट की कप्तान बरकरार रखे जाने पर गावस्कर ने सवाल उठाये 

मुम्बई । महान बल्लेबाज सुनील गावस्कर ने विश्व कप क्रिकेट में हार के बाद भी विराट कोहली की कप्तानी बरकरार रखे जाने की आलोचना की है। गावस्कर का मानना है कि विराट को कप्तान बनाये रखने से पहले एक आधिकारिक बैठक होनी चाहिए थी। गावसकर ने कहा, 'अगर चयन समिति ने वेस्ट इंडीज दौरे के लिए कप्तान का चयन बिना किसी बैठक के लिए कर लिया तो यह सवाल उठता है कि क्या कोहली अपनी बदौलत टीम के कप्तान हैं या फिर चयन समिति की खुशी के कारण उन्हें कप्तान बनाया गया है।'
साथ ही कहा , 'हमारी जानकारी के अनुसार कोहली को विश्व कप तक के लिए ही कप्तान बनाया गया था। ऐसे में चयनकर्ताओं को इस मामले पर एक बैठक बुलानी चाहिए थी। यह अलग बात है कि यह बैठक पांच मिनट ही चलती लेकिन ऐसा होना चाहिए था।' एमएसके प्रसाद की अध्यक्षता वाली अखिल भारतीय चयन समिति ने वेस्ट इंडीज दौरे के लिए विराट  को तीनो प्रारुपों में कप्तान घोषित किया है।  इससे पहले बीसीसीआई प्रशासकों की समिति (सीओए) ने साफ कर दिया कि वह विश्व कप में टीम के प्रदर्शन पर समीक्षा बैठक नहीं नहीं बुलाएगी पर वह इस विश्व कप में टीम के प्रदर्शन को लेकर टीम मैनेजर की रिपोर्ट पर विचार करेगी। गावसकर ने सवाल उठाया है कि विराट को अपनी पसंद के अनुसार टीम चयन का अधिकार कैसे दिया गया है। 
इस पूर्व कप्तान ने कहा, 'चयन समिति में बैठे लोग कठपुतली हैं। पुनर्नियुक्ति के बाद कोहली को बैठक में टीम को लेकर अपने विचार रखने के लिए बुलाया गया। प्रक्रिया को बाईपास करने से यह संदेश गया कि केदार जाधव, दिनेश कार्तिक को खराब प्रदर्शन के कारण टीम से बाहर किया गया, जबकि विश्व कप के दौरान और उससे पहले कप्तान ने इन्हीं खिलाड़ियों पर भरोसा जताया था और परिणाम हुआ था कि टीम फाइनल में भी नहीं पहुंच सकी।'

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