शिक्षा, स्वास्थ्य और पेयजल के कार्यों का प्राथमिकता से किया जाए -प्रभारी मंत्री डॉ. टेकाम

जगदलपुर । बस्तर जिले के सभी भवन विहीन प्राथमिक शालाओं के भवन चालू वित्तीय वर्ष के अंत तक अनिवार्य रूप से बनाए जाएंगे। यह निर्णय आज जिले के प्रभारी और स्कूली शिक्षा तथा आदिम जाति कल्याण मंत्री डॉ. प्रेमसाय सिंह टेकाम की अध्यक्षता में आयोजित समीक्षा बैठक में लिया गया। उल्लेखनीय है कि जिले में 56 प्राथमिक शाला, 21 माध्यमिक शाला और 10 हाईस्कूल भवन विहीन हैं। प्रभारी मंत्री ने कहा कि सबसे पहले भवनविहीन 56 प्राथमिक शालाओं के भवन इस वर्ष बनाएं जाएंगे। इसके बाद भवन विहीन माध्यमिक और हाईस्कूल शालाओं के भवन बनाएं जाएंगे। उन्होंने कहा कि जिले में शिक्षा,स्वास्थ्य और पेयजल के कार्यों को प्राथमिकता किया जाए। जिन शालाओं में शिक्षकों की कमी है अथवा विषय विशेष के शिक्षक नहीं हैं, वहां अतिथि शिक्षकों के माध्यम से अध्यापन कार्य शुरू कराया जाए। उन्होंने शाला विकास समितियों का भी जल्द गठन करने के निर्देश दिए। बैठक में सासंद दीपक बैज, बस्तर विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष लखेश्वर बघेल, विधायक जगदलपुर रेखचंद जैन, विधायक नारायणपुर चंदन कश्यप और महापौर जतीन जायसवाल भी विशेषरूप से उपस्थित थे।
बैठक में प्रभारी मंत्री डॉ. टेकाम ने जिले में हाल ही में निर्मित बाढ़ की स्थिति और उससे हुई क्षति की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि क्षति का आंकलन शीघ्र किया जाए। जिन मार्गों पर आवागमन अवरूद्ध हुआ था, उन मार्गों पर सुचारू आवागमन के लिए जरूरी कदम उठाया जाए। उन्होंने किसानों को खाद-बीज की उपलब्धता की भी समीक्षा की। अधिकारियों ने बताया कि जिले की समितियों में पर्याप्त मात्रा में खाद-बीज उपलब्ध है। प्रभारी मंत्री ने लोक सेवा गारंटी अधिनियम के तहत नागरिकों को समय-सीमा में सेवाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। आय, मूल निवास, जाति प्रमाण पत्र समय सीमा में दिया जाए। उन्होंने राज्य शासन की महत्वाकांक्षी नरवा, गरूआ, घुरूआ और बाड़ी योजना की भी समीक्षा की। बैठक में बताया गया कि जिले में गोठान निर्माण के लिए 54 ग्राम पंचायतों का चयन किया गया है, जिसमें से 16 का निर्माण पूर्ण हो गया है। इनका संचालन स्थानीय स्व सहायता समूहों द्वारा किया जा रहा है। इसी तरह जिले के सातों विकासखण्डों में एक-एक नालों का चयन किया गया है। भूमि कटाव, चेक डेम आदि के लिए विस्तृत कार्ययोजना बना ली गई है। इसी तरह बाड़ी योजना के अन्तर्गत निजी बाड़ियों के लिए किसानों को उन्नत सब्जी के बीज, पौधे वितरित किए गए हैं। मुनगा, कटहल, पपीता,आम आदि के पौधे भी किसानों को दिए गए हैं।
प्रभारी मंत्री ने समाज कल्याण विभाग के माध्यम से दिए जाने वाले पेंशन वितरण की भी समीक्षा की। उन्होंने कहा कि समय पर हितग्राही को पेंशन भुगतान होना चाहिए। कलेक्टर डॉ.अय्याज तम्बोली ने बताया कि बैंक सखी के माध्यम से हितग्राहियों को पेंशन का भुगतान किया जा रहा है। जिले में 138 बैंक सखी काम कर रहे हैं। ये हितग्राही के घर जाकर पेंशन का भुगतान कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि जिले के 8 से 10 पंचायतों में नेटवर्क की दिक्कत के कारण पेंशन भुगतान में दिक्कत हो रही है। इन क्षेत्रों में जियो के टाॅवर लगवाने के लिए प्रयास किये जा रहे हैं। आदिम जाति कल्याण विभाग की समीक्षा के दौरान बस्तर विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष श्री लखेश्वर बघेल ने छात्रावासों में बाथरूम और पेयजल की समस्या का जिक्र किया। इस पर प्रभारी मंत्री ने जिले के सभी छात्रावासों का नियमित निरीक्षण करने के निर्देश सहायक आयुक्त को दिए। उन्होंने कहा कि सभी छात्रावासों में बिजली, पानी और बाथरूम की व्यवस्था सुनिश्चित किया जाए। सांसद दीपक बैज ने नलजल योजना के तहत पेयजल व्यवस्था को दुरूस्त करने तथा खराब सड़कों की मरम्मत कराने के निर्देश दिए। बैठक में विधायक रेखचंद जैन और लखेश्वर बघेल ने जगदलपुर शहर में अमृत मिशन योजना के तहत सड़कों को खोदने के फलस्वरूप नागरिकों को होने वाली दिक्कतों का जिक्र किया। इस पर प्रभारी मंत्री ने कहा कि इसे दुरूस्त कराया जाए तथा जब तक कार्य नहीं होता, तब तक भुगतान नहीं किया जाए।
बैठक में कलेक्टर डॉ. अय्याज तम्बोली, पुलिस अधीक्षक दीपक झा, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी इन्द्रजीत चन्द्रवाल, अपर कलेक्टर अरबिन्द एक्का सहित सभी विभागों के जिला अधिकारी उपस्थित थे।
