जमानत मिलते ही फिर देश विरोधी गतिविधियों में जुटा आरोपी, कोर्ट सख्त

जोधपुर। जोधपुर में देश विरोधी गतिविधियों के आरोपी मोहम्मद अमार यासर को बड़ा झटका लगा है। अदालत ने जमानत की शर्तों का उल्लंघन करने के आरोप में उसकी बेल रद्द कर दी है। यह फैसला सुरक्षा एजेंसियों की रिपोर्ट और आरोपी की दोबारा गिरफ्तारी के बाद लिया गया है।

जोधपुर कोर्ट का कड़ा फैसला: देश विरोधी गतिविधियों के आरोपी की जमानत रद्द

जोधपुर महानगर के अपर जिला एवं सेशन न्यायालय संख्या-3 के न्यायाधीश देवेंद्र सिंह ने आरोपी मोहम्मद अमार यासर की जमानत निरस्त करने के आदेश जारी किए हैं। अदालत ने साफ किया कि आरोपी ने रिहाई के लिए तय की गई मर्यादाओं का उल्लंघन किया है।

क्या था मामला और शर्तें?

विशेष लोक अभियोजक (ATS) दिनेश कुमार शर्मा के अनुसार:

  • सुप्रीम कोर्ट से राहत: आरोपी को पिछले साल 3 मई 2024 को देश की सर्वोच्च अदालत ने जमानत प्रदान की थी।
  • निचली अदालत की शर्त: सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर जोधपुर की अदालत ने जमानत की शर्तें निर्धारित की थीं। इसमें मुख्य शर्त यह थी कि बाहर आने के बाद आरोपी किसी भी प्रकार की संदिग्ध या राष्ट्र विरोधी गतिविधि का हिस्सा नहीं बनेगा और न ही किसी अपराध को दोहराएगा।

दोबारा गिरफ्तारी और नए सबूत

जमानत पर बाहर आने के बाद भी आरोपी की गतिविधियों में कोई सुधार नहीं दिखा:

  • झारखंड में गिरफ्तारी: आरोपी को फिर से राष्ट्र विरोधी गतिविधियों में संलिप्त पाया गया, जिसके बाद झारखंड एटीएस ने उसके खिलाफ एफआईआर संख्या 06/2025 दर्ज कर उसे जेल भेज दिया।
  • डिजिटल साक्ष्य: जांच एजेंसियों को आरोपी के मोबाइल फोन से आपत्तिजनक और देश विरोधी डिजिटल सामग्री मिली है, जो उसकी संदिग्ध सक्रियता की पुष्टि करती है।

अदालत का रुख और कार्रवाई

सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने दलील दी कि आरोपी को बाहर रखना राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा हो सकता है क्योंकि उसने अदालत के विश्वास को तोड़ा है।

  • जमानत निरस्त: अदालत ने इन तथ्यों को बेहद गंभीर माना और आरोपी की जमानत को तुरंत प्रभाव से रद्द कर दिया।
  • प्रोडक्शन वारंट: कोर्ट ने आरोपी को प्रोडक्शन वारंट के जरिए जोधपुर की अदालत में पेश करने का आदेश दिया है ताकि आगे की कानूनी प्रक्रिया पूरी की जा सके।

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