चौंकाने वाला खुलासा: कार्यपालक की हत्या में उपसभापति का पति शामिल

भागलपुर। सुल्तानगंज में हुई सनसनीखेज वारदात ने न केवल प्रशासनिक गलियारों को हिला दिया, बल्कि सत्ता और अपराध के बीच के खतरनाक गठजोड़ को भी उजागर कर दिया है। नगर परिषद कार्यालय के भीतर घुसकर कार्यपालक पदाधिकारी कृष्ण भूषण कुमार की हत्या और सभापति पर हमले के मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी को मुठभेड़ में ढेर कर दिया है।
सत्ता की आड़ में रची गई साजिश
जांच के दौरान सीसीटीवी फुटेज और साक्ष्यों से यह स्पष्ट हो गया कि इस हत्याकांड का मास्टरमाइंड कोई बाहरी अपराधी नहीं, बल्कि व्यवस्था के भीतर का ही व्यक्ति था। मुख्य आरोपी रामधनी यादव, जो नगर परिषद की उपसभापति नीलम देवी का पति है, इस खूनी साजिश का सूत्रधार निकला। आरोपी की पत्नी पूर्व में विधानसभा चुनाव भी लड़ चुकी हैं, जिससे इस मामले में राजनीति और अपराध का गहरा मेल सामने आया है।
एनकाउंटर: पुलिस पर हमला और जवाबी कार्रवाई
गिरफ्तारी के बाद जब पुलिस टीम आरोपी रामधनी यादव को वारदात में इस्तेमाल किए गए हथियार बरामद करने के लिए ले जा रही थी, तब उसने अपने अज्ञात साथियों के साथ मिलकर पुलिस दल पर अचानक फायरिंग शुरू कर दी।
पुलिस का जवाब: आत्मरक्षा में बिहार पुलिस ने भी जवाबी गोलीबारी की, जिसमें मुख्य आरोपी रामधनी यादव मारा गया।
जवानों का साहस: इस मुठभेड़ में डीएसपी नवीन सहित इंस्पेक्टर परमेश्वर और इंस्पेक्टर मृत्युंजय घायल हुए हैं। घायल अधिकारियों का उपचार जारी है और उनकी स्थिति स्थिर बताई जा रही है।
कानून का कड़ा संदेश
यह एनकाउंटर उन तत्वों के लिए एक सीधा संदेश माना जा रहा है जो सत्ता या रसूख की आड़ में कानून को चुनौती देने का साहस करते हैं। भागलपुर पुलिस की इस कार्रवाई ने यह साफ कर दिया है कि अपराध का नेटवर्क चाहे कितना भी प्रभावशाली क्यों न हो, न्याय की प्रक्रिया उसे ध्वस्त करने की पूरी क्षमता रखती है।
जांच का अगला चरण
पुलिस की नजर अब उन सभी चेहरों पर है जो इस साजिश के पीछे पर्दे के पीछे से काम कर रहे थे। एक मुख्य आरोपी के अंत के बाद अब उस पूरे गिरोह को बेनकाब करने की तैयारी है जिसने इस जघन्य हत्याकांड को अंजाम देने में मदद की थी।
