भाई को आखिरी कॉल: ‘मुझे बचाओ’, जबलपुर हादसे में दिल्ली के परिवार की मौत

जबलपुर क्रूज हादसा: दिल्ली के एक ही परिवार की तीन पीढ़ियों की मौत, खुशियाँ मातम में बदलीं

जबलपुर/दिल्ली। मध्य प्रदेश के पर्यटन स्थल बरगी बांध (नर्मदा नदी) पर हुआ नाव हादसा बेहद दर्दनाक साबित हुआ है। दिल्ली कैंटोनमेंट के रहने वाले मैसी परिवार के लिए यह यात्रा जीवन भर का कभी न भूलने वाला जख्म बन गई। एक गृह प्रवेश समारोह में शामिल होने आए इस परिवार के तीन सदस्यों की पानी में डूबने से मौत हो गई।

वीडियो कॉल पर 'मुझे बचाओ' चिल्ला रही थी बहन

मृतका मरीना के भाई कुलदीप मोहन ने बताया कि हादसे के वक्त उनकी बहन वीडियो कॉल पर बात कर रही थी। अचानक लहरें तेज हुईं और वह "मुझे बचाओ-मुझे बचाओ" चिल्लाने लगी, जिसके बाद फोन कट गया। इस भीषण दुर्घटना में:

  • मरीना (39 वर्ष): मौत।

  • त्रिशन (4 वर्ष – बेटा): मौत।

  • मधुर मैसी (62 वर्ष – मां): मौत।

  • बच गए सदस्य: मरीना के पति प्रदीप, 14 वर्षीय बेटी सिया और पिता जूलियस मैसी सुरक्षित हैं।


प्रशासन और ऑपरेटरों की बड़ी लापरवाही

परिजनों और प्रत्यक्षदर्शियों ने इस हादसे के लिए सीधे तौर पर ऑपरेटरों को जिम्मेदार ठहराया है:

  1. मौसम की चेतावनी को किया नजरअंदाज: खराब मौसम का अलर्ट होने के बावजूद क्रूज का संचालन जारी रखा गया।

  2. सुरक्षा उपकरणों की कमी: यात्रियों का आरोप है कि जब क्रूज डगमगाने लगा, तब लाइफ जैकेट बांटना शुरू किया गया। पहले से सुरक्षा के कोई इंतजाम नहीं थे।

  3. क्षमता से अधिक सवारी: आरोप है कि नाव में निर्धारित संख्या से ज्यादा लोग सवार थे।

  4. बचाव दल की अनुपस्थिति: मौके पर स्थायी रेस्क्यू टीम मौजूद नहीं थी; पास में काम कर रहे मजदूरों ने अपनी जान जोखिम में डालकर 15 लोगों को बचाया।


अब तक की स्थिति और सरकारी कार्रवाई

  • मृतकों का आंकड़ा: शुक्रवार को पांच और शव मिलने के बाद मरने वालों की कुल संख्या नौ (9) हो गई है।

  • रेस्क्यू ऑपरेशन: अब तक 28 लोगों को सुरक्षित निकाला जा चुका है, जबकि 6 अन्य अभी भी लापता हैं जिनकी तलाश जारी है।

  • कड़ी कार्रवाई: राज्य सरकार ने घटना की उच्चस्तरीय जांच के आदेश दिए हैं। लापरवाही बरतने वाले नाव चालक दल के तीन सदस्यों को बर्खास्त कर दिया गया है।

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