पर्यटन मंत्री ने प्रभार संभालते ही बताई पर्यटन और आस्था स्थलों की योजना

पटना। बिहार सरकार के नवनियुक्त पर्यटन मंत्री केदार प्रसाद गुप्ता ने शुक्रवार को मुख्य सचिवालय स्थित कार्यालय में विधिवत रूप से पदभार ग्रहण कर लिया। कार्यभार संभालते ही उन्होंने अपनी प्राथमिकताओं को स्पष्ट करते हुए संकल्प लिया कि बिहार को पर्यटन के मानचित्र पर वैश्विक पहचान दिलाना उनका मुख्य लक्ष्य है।
सांस्कृतिक वैभव को दुनिया तक पहुँचाने का संकल्प
पदभार ग्रहण करने के बाद मीडिया से मुखातिब होते हुए मंत्री केदार प्रसाद गुप्ता ने कहा कि बिहार की धरती अध्यात्म और इतिहास का संगम है। उन्होंने जोर देकर कहा कि भगवान बुद्ध की ज्ञान स्थली, गुरु गोविंद सिंह जी की जन्मभूमि, भगवान महावीर की तपोभूमि और माता जानकी की स्मृतियों से सजी यह मिट्टी पूरी दुनिया को आकर्षित करने की क्षमता रखती है। उन्होंने इस जिम्मेदारी को बिहार की सेवा का एक बड़ा अवसर बताया।
आधुनिक सुविधाओं से लैस होंगे पर्यटन स्थल
मंत्री ने भविष्य की कार्ययोजना साझा करते हुए बताया कि राज्य के धार्मिक और ऐतिहासिक स्थलों का कायाकल्प किया जाएगा। उन्होंने मुख्य रूप से इन बिंदुओं पर जोर दिया:
बुनियादी ढांचा: प्रमुख स्थलों पर बेहतर सड़कें, आधुनिक प्रकाश व्यवस्था और उच्च स्तरीय स्वच्छता सुनिश्चित की जाएगी।
पर्यटक सुरक्षा: पर्यटकों की सुरक्षा और उनकी सुविधाओं के लिए विशेष प्रबंध किए जाएंगे।
वैश्विक ब्रांडिंग: बिहार के पर्यटन स्थलों का राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बड़े पैमाने पर प्रचार-प्रसार किया जाएगा।
रोजगार और अर्थव्यवस्था का बनेगा आधार
केदार प्रसाद गुप्ता ने कहा कि पर्यटन केवल मनोरंजन नहीं, बल्कि बिहार की अर्थव्यवस्था की रीढ़ बनेगा। उन्होंने कहा कि पर्यटन क्षेत्र के विकसित होने से न केवल युवाओं को रोजगार मिलेगा, बल्कि स्थानीय हस्तशिल्पियों, कलाकारों और छोटे व्यापारियों के लिए भी उन्नति के नए द्वार खुलेंगे।
अधिकारियों को टीम भावना की सीख
समारोह के दौरान विभाग के सचिव अभय कुमार सिंह, पर्यटन निदेशक उदयन मिश्रा और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने मंत्री का भव्य स्वागत किया। इस अवसर पर श्री गुप्ता ने अधिकारियों से अपील की कि वे एक टीम की तरह पूरी निष्ठा के साथ काम करें ताकि बिहार आधुनिक पर्यटन के क्षेत्र में नई मिसाल कायम कर सके। उन्होंने विश्वास दिलाया कि विभाग के हर निर्णय में जनता का हित सबसे ऊपर होगा।
