आतंकवाद की भाषा बोल रही हैं महबूबा, भेजा जाए जेलः शिवसेना

आर्टिकल 35 ए को लेकर जम्मू कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री और पीडीपी अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती के बयान को लेकर अब शिवसेना ने जमकर हमला किया है. शिवसेना ने कहा है कि आतंकवाद की भाषा बोलने के लिए संशोधित आतंकवाद निरोधी कानून के तहत मामला दर्ज कर उन्हें जेल भेज देना चाहिए. गौरलतब है कि मुफ्ती ने कहा था कि अनुच्छेद 35 ए को छूने वाले हाथ जला देने चाहिए, साथ ही कश्मीरियों को बलिदान के लिए तैयार रहना चाहिए.
कश्मीर में दंगे करवाने की साजिश
शिवसेना के मुखपत्र सामना में छपे एक संपादकीय में कहा गया है कि मुफ्ती की भाषा पूरी तरह से आतंकवाद की है. देश के गृह मंत्री को उकसावे और विद्रोह की इस भाषा को बर्दाश्त नहीं करना चाहिए. उन्हें जेल नहीं भेजा गया तो कश्मीर में दंगे करवाने की उनकी साजिश कामयाबी हो जाएगी.
अमरनाथ यात्रा रोकने का भी समर्थन
लेख में शिवसेना ने अमरनाथ यात्रा रोके जाने का भी समर्थन किया है. संपादकीय में लिखा गया है कि अमरनाथ यात्रा को बीच में रोकने की आलोचना हो सकती है लेकिन कई बार चार कदम आगे बढ़ाने के लिए आपको एक कदम पीछे लेना पड़ता है.
सरकार को आगे बढ़ना चाहिए
जम्मू-कश्मीर में सुरक्षा बढ़ाए जाने के विषय पर शिवसेना ने कहा कि केंद्र सरकार ने कश्मीर में जिस तरीके से सशस्त्र बलों की तैनाती की है और अगर वे आतंकवाद के खिलाफ कार्रवाई करने की मंशा रखते हैं तो लोगों को बातचीत के जरिए कश्मीर मुद्दा सुलझाए जाने की उम्मीद छोड़ देनी चाहिए. सरकार को बेशक अपनी योजना पर आगे बढ़ना चाहिए.
