दिल्ली पुलिस पर गंभीर आरोप, किशोरी मामले में मांगी गई रिश्वत

नई दिल्ली: राजधानी के संगम विहार इलाके में दिल्ली पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हुए हैं। एक सप्ताह से लापता नाबालिग किशोरी को तलाशने के नाम पर जांच अधिकारी (IO) द्वारा पीड़ित परिवार से रिश्वत मांगने और पार्षद को धमकी देने का संगीन मामला सामने आया है। इस घटना को लेकर स्थानीय पार्षद ने थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई है।

लापता किशोरी के परिजनों से 20 हजार की मांग

शिकायत के अनुसार, संगम विहार क्षेत्र की एक किशोरी बीते 3 मई से लापता है, जिसके संबंध में परिजनों ने अज्ञात के खिलाफ प्राथमिकी (FIR) दर्ज कराई थी। आरोप है कि केस की जांच कर रहे अधिकारी ने एक सप्ताह बीत जाने के बाद भी कोई ठोस कार्रवाई नहीं की। जब पीड़ित परिवार ने जांच की प्रगति जाननी चाही, तो जांच अधिकारी ने किशोरी को खोजने के बदले परिजनों से 20 हजार रुपये की रिश्वत की मांग की।

पार्षद के हस्तक्षेप पर मिली झूठे केस में फंसाने की धमकी

पुलिस के असहयोग से परेशान होकर पीड़ित परिवार ने स्थानीय पार्षद पंकज गुप्ता से मदद मांगी। पार्षद ने जब इस प्रकरण को लेकर जांच अधिकारी से बात की, तो अधिकारी सहयोग करने के बजाय अभद्रता पर उतारू हो गया। आरोप है कि आईओ ने पार्षद के साथ गाली-गलौज की और मामले को तूल देने पर उन्हें और पीड़ित परिवार को झूठे कानूनी मुकदमों में फंसाने की सीधी धमकी दे डाली।

सुरक्षा और निलंबन की मांग को लेकर शिकायत दर्ज

इस दुर्व्यवहार और भ्रष्टाचार के खिलाफ पार्षद ने पुलिस के उच्चाधिकारियों से संपर्क कर शिकायत दर्ज कराई है। शिकायतकर्ता ने मांग की है कि जांच अधिकारी को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया जाए और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की जाए। साथ ही, लापता किशोरी की जल्द से जल्द बरामदगी सुनिश्चित करने और पीड़ित परिवार व शिकायतकर्ता को सुरक्षा मुहैया कराने की भी अपील की गई है।

पुलिसिया रवैये से स्थानीय लोगों में रोष

घटना के बाद से क्षेत्र के निवासियों में पुलिस के प्रति भारी आक्रोश है। लोगों का कहना है कि जहां एक ओर पुलिस से सुरक्षा और न्याय की उम्मीद की जाती है, वहीं जांच अधिकारी का ऐसा संवेदनहीन रवैया कानून व्यवस्था पर दाग लगा रहा है। फिलहाल, वरिष्ठ पुलिस अधिकारी मामले की जांच कर रहे हैं और दोषी पाए जाने पर विभागीय कार्रवाई का आश्वासन दिया गया है।

Leave a Reply