सीएम रेखा गुप्ता भावुक: संघ पर बनी फिल्म ‘आखरी सवाल’ देखी

नई दिल्ली: मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने हाल ही में फिल्म 'आखरी सवाल' की विशेष स्क्रीनिंग के अवसर पर फिल्म की पूरी टीम और कलाकारों के साथ शिरकत की। इस कार्यक्रम के दौरान उन्होंने फिल्म की सराहना करते हुए कहा कि यह चलचित्र राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की एक सदी लंबी यात्रा को बेहद प्रभावशाली ढंग से पर्दे पर उतारने में सफल रहा है। उनके अनुसार यह फिल्म केवल एक संगठन का इतिहास नहीं दिखाती, बल्कि राष्ट्र निर्माण में संघ द्वारा दिए गए अतुलनीय सामाजिक योगदान और उसकी ऐतिहासिक भूमिका को भी जनता के सामने मजबूती से पेश करने का एक गंभीर प्रयास है।
राष्ट्र समर्पण और सेवा की गौरवशाली परंपरा का चित्रण
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में इस बात पर विशेष बल दिया कि संघ की शताब्दी का अवसर मात्र एक संस्था की यात्रा नहीं है, बल्कि यह सेवा, संस्कारों और राष्ट्र के प्रति पूर्ण समर्पण की एक महान परंपरा का जीवंत प्रतीक है। फिल्म इस बात को बखूबी दर्शाती है कि कैसे स्वयंसेवकों ने गांवों से लेकर शहरों की गलियों तक समाज को जोड़ने और लोगों के भीतर राष्ट्रवाद की भावना जगाने का निरंतर कार्य किया है। चाहे कोई प्राकृतिक आपदा हो या सामाजिक उत्थान का कोई बड़ा अभियान, निस्वार्थ भाव से किए गए कार्यों की झलक इस फिल्म के माध्यम से दर्शकों के दिलों तक पहुँचती है।
सांस्कृतिक चेतना और सामाजिक मुद्दों का समावेश
इस फिल्म की विषयवस्तु देश के सामाजिक और वैचारिक जीवन से जुड़े कई संवेदनशील और महत्वपूर्ण पहलुओं को गंभीरता से उजागर करती है। फिल्म के दृश्य और पटकथा संघ की उस सांस्कृतिक चेतना को केंद्र में रखते हैं जो राष्ट्र निर्माण के संकल्प को दोहराती है। मुख्यमंत्री का मानना है कि यह फिल्म केवल मनोरंजन का साधन नहीं है, बल्कि यह उस वैचारिक नींव को भी स्पष्ट करती है जिसने समय-समय पर भारतीय समाज को नई दिशा देने का प्रयास किया है और सांस्कृतिक गौरव को पुनर्स्थापित करने में अपनी भूमिका निभाई है।
नई पीढ़ी के लिए प्रेरणा और उत्तरदायित्व का संदेश
नई पीढ़ी के संदर्भ में बात करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसी फिल्में युवाओं के लिए प्रेरणा का एक बड़ा स्रोत साबित हो सकती हैं क्योंकि ये उन्हें देश, समाज और अपनी संस्कृति के प्रति नैतिक जिम्मेदारी का एहसास कराती हैं। आज के बदलते परिवेश में युवाओं को यह जानना अत्यंत आवश्यक है कि राष्ट्र के प्रति समर्पण का भाव क्या होता है। यह फिल्म समाज के प्रति कर्तव्यनिष्ठा का संदेश देते हुए यह समझाने का प्रयास करती है कि एक सजग नागरिक के रूप में हमें अपनी जड़ों और राष्ट्र की उन्नति के प्रति हमेशा जागरूक रहना चाहिए।
राष्ट्र निर्माण के संकल्प की एक अनूठी सिनेमाई झलक
फिल्म की स्क्रीनिंग के बाद मुख्यमंत्री ने पूरी टीम को बधाई देते हुए इसे एक महत्वपूर्ण सिनेमाई दस्तावेज करार दिया जो आने वाले समय में इतिहास और वर्तमान के बीच एक सेतु का कार्य करेगा। फिल्म का निर्माण जिस बारीकी और संवेदनशीलता के साथ किया गया है, वह इसकी गुणवत्ता और शोध को स्पष्ट रूप से दर्शाता है। मुख्यमंत्री के अनुसार इस तरह के प्रयास समाज में सकारात्मकता का संचार करते हैं और यह सुनिश्चित करते हैं कि संगठन के निस्वार्थ संघर्षों की गाथा आने वाली पीढ़ियों तक पूरी प्रामाणिकता के साथ पहुँचती रहे।
