रिश्तों के भरोसे का फायदा उठाकर करोड़ों की ठगी

जबलपुर। रिश्तों को शर्मसार करने और पारिवारिक भरोसे का फायदा उठाकर करोड़ों की चपत लगाने का एक बेहद हैरान करने वाला मामला सामने आया है। जबलपुर के मझौली क्षेत्र में एक शख्स ने अपनी ही साली को विश्वास में लेकर पहले उसके नाम पर पेट्रोल पंप शुरू किया और फिर उसकी शादी होते ही विभिन्न वित्तीय संस्थानों व बैंकों से साठगांठ कर करोड़ों रुपये का फर्जी कर्ज (लोन) उठा लिया। इस पूरी जालसाजी की भनक पीड़िता को तब तक नहीं लगी, जब तक कि बैंकों ने रिकवरी के लिए उस पर दबाव बनाना शुरू नहीं किया। सदमे में आई पीड़िता ने मामले की लिखित शिकायत पुलिस अधीक्षक (SP) से की है, जिसके बाद एसपी ने संबंधित थाना पुलिस को मामले की गहराई से जांच कर सच सामने लाने के निर्देश दिए हैं।
पैन कार्ड और सिबिल स्कोर चेक करने पर खुली जीजा की पोल
यह पूरा मामला मझौली के धनगवां गांव के रहने वाले एक परिवार का है। पीड़ित महिला दीपिका राजपूत ने आरोप लगाया है कि उसके अधारताल निवासी जीजा अनिकेत सिंह ने उसके निजी दस्तावेजों का गलत इस्तेमाल किया है। अनिकेत ने बैंक अधिकारियों के साथ मिलकर जाली दस्तावेजों के आधार पर भारी-भरकम लोन पास करवा लिया। यही नहीं, कर्ज लेने के लिए फाइलों पर दीपिका के फर्जी हस्ताक्षर (सिग्नेचर) भी किए गए। इस पूरे घोटाले का खुलासा तब हुआ, जब दीपिका ने अपना 'सिबिल स्कोर' (CIBIL Score) दुरुस्त रखने के लिए पैन कार्ड के जरिए वित्तीय लेनदेन की हिस्ट्री निकाली। सामने आए आंकड़ों को देखकर उसके होश उड़ गए। जब इस संबंध में आरोपी जीजा अनिकेत सिंह से जवाब मांगा गया, तो वह लगातार टालमटोल और आनाकानी करने लगा।
विश्वास में लेकर 'विनायक फ्यूल्स' में बनाया था साझेदार
घटनाक्रम की शुरुआत तब हुई थी जब कटंगी के कुशली गांव के पास 'विनायक फ्यूल्स' के नाम से एक नया पेट्रोल पंप खोला जा रहा था। उस वक्त अनिकेत ने दीपिका को अपनी चिकनी-चुपड़ी बातों में फंसाया और फर्म के रजिस्ट्रेशन के लिए उसके कागजात ले लिए। इस व्यवसाय में अनिकेत के साथ अमरसिंह राजपूत नाम का व्यक्ति भी पार्टनर था। दस्तावेज लेते समय दीपिका को भरोसा दिलाया गया था कि इस बिजनेस के संचालन या मुनाफे-घाटे से उसका कोई सीधा वास्ता नहीं रहेगा और पूरा काम अनिकेत व अमर सिंह ही संभालेंगे।
शादी के बाद किया बड़ा खेल, क्रेडिट कार्ड से भी उड़ाई रकम
वक्त बीतने के साथ दीपिका का विवाह हो गया, लेकिन सोची-समझी रणनीति के तहत फर्म से उसका नाम नहीं हटाया गया। इसके बाद जीजा ने बैंकों से मिलीभगत कर दीपिका के नाम पर बैक-टू-बैक कई फर्जी लोन मंजूर करवा लिए। जीजा का यह फर्जीवाड़ा यहीं नहीं रुका; उसने विशाल जैन नाम के एक अन्य व्यक्ति को जाल में फंसाया और पेट्रोल पंप की डीलरशिप दिलाने के नाम पर दीपिका के जाली अनुबंध (एग्रीमेंट) का इस्तेमाल कर उससे 40 लाख रुपये ऐंठ लिए।
पुलिस कप्तान (SP) को सौंपी गई शिकायत में पीड़िता ने बताया कि आरोपी जीजा अनिकेत सिंह ने उसके नाम पर अवैध रूप से लगभग 85 लाख रुपये और 75 लाख रुपये के दो बड़े लोन ले रखे हैं, जिसके बारे में उसे कोई पूर्व सूचना नहीं थी। इसके अतिरिक्त, आरोपी ने दीपिका के नाम पर फर्जी तरीके से क्रेडिट कार्ड भी इश्यू करवा लिए थे और उनसे मोटी रकम निकाल कर चंपत हो गया। फिलहाल पुलिस मामले की कानूनी कड़ियों को जोड़ने में जुट गई है।
