आर्टिकल 370 हटते ही कश्मीरी महिला ने दिया ऑफर, ‘कोई खरीदेगा करोड़ों की जमीन’

सूरत: जम्मू कश्मीर से आर्टिकल 370 हटने के बाद से देश भर मे खुशी की लहर है. कई लोग कश्मीर में जमीन और प्रॉपर्टी खरीदने का सपने भी देखने लगे हैं. इन सबके बीच सूरत में रहने वाली जम्मू-कश्मीर की एक युवती ने अपनी जमीन बेचने का फैसला लिया है. दरअसल, सूरत में रहने वाली कश्मीर पंडित महिला मृदुला काफी समय पहले शादी कर यहां बस गई थीं. मृदुला ने राजस्थान से पत्रकारिता की पढ़ाई करने के बाद रौनक वर्मा के साथ शादी कर ली थी.
मृदुला ने जब जम्मू-कश्मीर से आर्टिकल 370 हटने की खबर सुनी तो, उन्होंने कश्मीर की अपनी जमीन बेचने का फैसला किया. मृदुल ने बताया कि उनके माता-पिता और भाई अभी भी कश्मीर में ही रहते हैं. अब तक कानून के हिसाब से किसी भी कश्मीरी के अलावा बाहर के किसी भी अन्य व्यक्ति को जमीन नहीं बेची जा सकती थी. इसकी वजह से अब तक उनकी जमीन खाली पड़ी थी. बता दें कि मृदुला सूरत में फोटोग्राफी के व्यवसाय से जुड़ी हुई हैं.
मोदी सरकार के ऐतिहासिक फैसले के बाद से सोशल मीडिया पर जमीन खरीदने के मज़ाक वाले मैसेज वायरल हो रहे है. लेकिन, उन्होंने इसे गंभीरता से लिया और कश्मीर में रहने वाले अपने माता-पिता से इस बारे में बात की है. मृदुला ने बताया कि उनके पास कश्मीर के उधमपुर पंचेरी में जमीन है. जम्मू-कश्मीर में जमीन मरला में मापी जाती है. एक मरला यानी 270 स्क्वॉयर फिट होता है और एक मरला की कीमत 4 से 5 लाख के करीब होती है. मृदुला के पास कुल 100 मरला जमीन है.
उन्होंने बताया कि पंचेरी एक हिल स्टेशन है. यहां दिसंबर और जनवरी महीने में खूब बर्फबारी होती है. वहीं, बाकी के 10 महीने यहां खूबसूरत मौसम बना रहता है. उन्होंने कहा कि ये उपजाऊ जमीन है, जो जम्मू से 90 किलोमीटर दूर और उधमपुर से 40 किलोमीटर दूर है. इस इलाके की ख़ास बात यह है कि यहां आर्मी का बेस कैंप है. जो सुरक्षा के लिहाज़ से बेहद महत्वपूर्ण है. पंचेरी के पहाड़ी इलाके में बादाम और चेरी भी बड़ी मात्रा में पाई जाती है. आर्टिकल 370 के ख़त्म होने से मृदुला और उसके पति खुश हैं. मृदुला को उम्मीद है कि मोदी सरकार जम्मू-कश्मीर में रोजगार के अधिक अवसर पैदा करके सबका विकास करेगी.
