कंपनी से ₹1.10 करोड़ उड़ाने वाला सीनियर अकाउंटेंट गिरफ्तार, इंटरनल ऑडिट में पकड़ा गया फर्जीवाड़ा

जयपुर | जयपुर साउथ की सोडाला थाना पुलिस ने एक निजी कंपनी के साथ करीब 1.10 करोड़ रुपए की धोखाधड़ी और गबन करने के सनसनीखेज मामले में मुख्य आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोपी कंपनी में सीनियर अकाउंटेंट एक्जीक्यूटिव के रूप में काम कर रहा था। उसने अपने पद का फायदा उठाते हुए कंपनी के बैंकिंग सिस्टम में सेंध लगाई और करोड़ों रुपए की राशि अपने व अपने करीबियों के खातों में ट्रांसफर कर ली। इस बड़ी वित्तीय हेराफेरी का भंडाफोड़ तब हुआ जब कंपनी की सालाना ऑडिट की गई।
पद का दुरुपयोग कर रिश्तेदारों के खातों में भेजी रकम
पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपी की पहचान अभिषेक खंडेलवाल (28) के रूप में हुई है, जो मूल रूप से प्रागपुरा (जयपुर) का रहने वाला है और फिलहाल करधनी इलाके के कनकपुरा में रह रहा था। आरोपी 1 अप्रैल 2025 से 4 मई 2026 तक 'जयपुर बायो फर्टिलाइजर्स' कंपनी में सीनियर अकाउंटेंट एक्जीक्यूटिव के पद पर तैनात था, जिसके कारण कंपनी के तमाम बैंकिंग लेन-देन और वित्तीय कामकाज का जिम्मा उसी के पास था। जांच में सामने आया कि आरोपी ने पद का दुरुपयोग करते हुए बिना किसी अनुमति के कंपनी के खाते से करीब 1 करोड़ 3 लाख 72 हजार 881 रुपए अपनी पत्नी नाजिया बानो, रिश्तेदारों और अन्य परिचितों के बैंक खातों में ट्रांसफर कर दिए, जिनका कंपनी से कोई व्यावसायिक संबंध नहीं था।
ऑडिट में हुआ भंडाफोड़, पुलिस ने जाल बिछाकर दबोचा
इस गबन का खुलासा 25 मई 2026 को हुआ, जब कंपनी के वित्तीय वर्ष 2025-26 के खातों की ऑडिट की जा रही थी। ऑडिट में इतनी बड़ी वित्तीय अनियमितता सामने आते ही पीड़ित नरेश गुप्ता ने 26 मई को थाने में शिकायत दर्ज कराई। डीसीपी साउथ राजर्षि राज के निर्देश पर सोडाला थाना पुलिस ने तुरंत मामला दर्ज कर जांच शुरू की। आरोपी के फरार होने की आशंका को देखते हुए पुलिस की एक विशेष टीम का गठन किया गया। पुलिस टीम ने तकनीकी और दस्तावेजी साक्ष्यों को तेजी से जुटाया और जाल बिछाकर मुख्य आरोपी को धर दबोचा।
पूछताछ में जुर्म कबूला, आरोपी का पुराना आपराधिक रिकॉर्ड
पुलिस हिरासत में कड़ाई से की गई पूछताछ के दौरान आरोपी अभिषेक खंडेलवाल ने बैंकिंग सिस्टम से पैसे पार करने की बात स्वीकार करते हुए अपना गुनाह कबूल कर लिया है। इसके बाद पुलिस ने उसे विधिवत गिरफ्तार कर लिया। पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी का पुराना आपराधिक रिकॉर्ड रहा है और वह पहले भी धोखाधड़ी के दो अलग-अलग मामलों में पकड़ा जा चुका है। फिलहाल पुलिस इस मामले में नामजद अन्य सह-आरोपियों की भूमिका और गबन की गई भारी-भरकम रकम के इस्तेमाल को लेकर गहनता से तफ्तीश कर रही है।
