बाजार में रौनक: सेंसेक्स 350 अंक उछला, निफ्टी ने पार किया 23,900 का अहम स्तर

 नई दिल्ली | गुरुवार को बकरीद के अवकाश के बाद शुक्रवार को भारतीय शेयर बाजार की शुरुआत शानदार बढ़त और हरे निशान के साथ हुई। घरेलू शेयर बाजारों ने बुधवार की गिरावट को पीछे छोड़ते हुए पश्चिम एशिया के सुधरते राजनीतिक हालातों के बीच मजबूती दिखाई। शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स 352.22 अंक उछलकर 76,220.02 के स्तर पर जा पहुंचा, जबकि निफ्टी भी 95.65 अंकों की तेजी के साथ 24,002.80 के पार निकल गया। हालांकि, इस शुरुआती उछाल के बाद बाजार पर बिकवाली का दबाव भी देखने को मिला। इसी दौरान अमेरिकी डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपया 5 पैसे मजबूत होकर 95.53 के स्तर पर पहुंच गया।

कच्चे तेल में गिरावट से मिला सहारा और सेक्टर्स का हाल

बाजार के सेंटिमेंट को सबसे बड़ा सहारा अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में आई नरमी से मिला है। ब्रेंट क्रूड 0.93 प्रतिशत गिरकर 91.84 डॉलर प्रति बैरल और डब्ल्यूटीआई क्रूड 1.24 प्रतिशत फिसलकर 87.80 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया। कच्चे तेल का 92 डॉलर से नीचे रहना भारतीय अर्थव्यवस्था और बाजार के लिए बेहद सकारात्मक माना जा रहा है। सेक्टर्स की बात करें तो आईटी और फार्मा शेयरों में सबसे ज्यादा चमक दिखी। निफ्टी आईटी इंडेक्स 2.01 प्रतिशत की बढ़त के साथ सबसे आगे रहा, जबकि फार्मा में 0.88 प्रतिशत और पीएसयू बैंकों में 0.65 प्रतिशत की तेजी दर्ज की गई। दूसरी ओर, एफएमसीजी और मीडिया सेक्टर्स में मामूली गिरावट देखी गई।

वैश्विक बाजारों से मिले मजबूत संकेत

भारतीय शेयर बाजार को अंतरराष्ट्रीय बाजारों से भी पूरा समर्थन मिला। अमेरिकी बाजार वॉल स्ट्रीट में तकनीकी (Tech) शेयरों की बदौलत रिकॉर्ड तेजी देखने को मिली, जहाँ एसएंडपी 500 में 0.58 प्रतिशत और नैस्डैक में 0.91 प्रतिशत का उछाल आया। अमेरिका और ईरान के बीच संभावित 60 दिनों के युद्धविराम की खबरों से वैश्विक स्तर पर भू-राजनीतिक तनाव कम हुआ है, जिसका सीधा फायदा दुनिया भर के बाजारों को मिला। इसी सकारात्मक माहौल के चलते एशियाई बाजारों में निक्केई और कोस्पी भी भारी बढ़त के साथ कारोबार करते नजर आए।

बाजार के जानकारों की राय और आगे का रुख

बाजार विशेषज्ञों के मुताबिक, घरेलू लिक्विडिटी (नकदी प्रवाह) मजबूत होने के कारण बाजार में हर गिरावट पर खरीदारी के अच्छे अवसर बन रहे हैं। निफ्टी में ऊपरी स्तरों पर दिख रहा हल्का दबाव केवल एक सीमित दायरे का ठहराव (कंसोलिडेशन) है, इसे बाजार के रुख में कमजोरी नहीं माना जाना चाहिए। विश्लेषकों का मानना है कि यदि निफ्टी 24,000 के मनोवैज्ञानिक स्तर को पार कर वहां टिकने में कामयाब रहता है, तो यह आगे 24,150 से 24,200 के स्तर की ओर बढ़ सकता है। वहीं, किसी भी अप्रत्याशित गिरावट की स्थिति में 23,800 का स्तर बाजार के लिए एक मजबूत सपोर्ट का काम करेगा।

Leave a Reply